UP Super TET Syllabus 2026: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा के लिए नया सिलेबस और परीक्षा पैटर्न जारी किया है। कक्षा 1 से 5 के प्राइमरी शिक्षक पदों के लिए अब 120 प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक सही उत्तर के 3 अंक मिलेंगे, जबकि गलत उत्तर पर 1 अंक काटा जाएगा।
यानी पुराने 150 प्रश्न, 150 अंक और बिना नेगेटिव मार्किंग वाले पैटर्न को अब बदल दिया गया है।
नया सिलेबस 1 सितंबर 2026 को सामने आया और इसके बाद 15 सितंबर 2026 को Advt. No. 05/2026 के तहत 12,405 पदों की भर्ती अधिसूचना जारी हुई। अगर आपने UPTET या CTET पास किया है और इस भर्ती की तैयारी कर रहे हैं, तो अब अपनी पढ़ाई को नए पैटर्न के हिसाब से व्यवस्थित करना जरूरी है।
इस लेख में आपको परीक्षा के नए पैटर्न से लेकर विषयवार प्रश्नों की संख्या, सिलेबस में शामिल टॉपिक्स, नेगेटिव मार्किंग और तैयारी की रणनीति तक पूरी जानकारी आसान भाषा में मिलेगी।
UP Super TET 2026: एक नजर में पूरी जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| परीक्षा | सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा 2026 (Super TET) |
| आयोजक | उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) |
| विज्ञापन संख्या | 05/2026 |
| कुल पद | 12,405 |
| कुल प्रश्न | 120 |
| कुल अंक | 360 |
| परीक्षा अवधि | 120 मिनट |
| अंक योजना | सही उत्तर +3, गलत उत्तर -1, अनुत्तरित 0 |
| प्रश्नपत्र की भाषा | हिंदी और अंग्रेजी |
कुल 12,405 पदों में शहरी प्राथमिक के 11,508 और संलग्न प्राथमिक के 897 पद शामिल हैं।
UP Super TET 2026 महत्वपूर्ण तारीखें
| प्रक्रिया | तारीख |
|---|---|
| सिलेबस जारी | 1 सितंबर 2026 |
| अधिसूचना जारी | 15 सितंबर 2026 |
| ऑनलाइन आवेदन शुरू | 16 सितंबर 2026 |
| आवेदन की अंतिम तारीख | 15 अक्टूबर 2026 |
UP Super TET 2026 में क्या बदला है?
Super TET के परीक्षा पैटर्न में इस बार महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। जुलाई 2026 में 150 प्रश्नों वाला ढांचा सामने आया था, लेकिन सितंबर में नया पैटर्न जारी किया गया।
अब प्रश्नों की संख्या घटकर 120 हो गई है, लेकिन प्रत्येक प्रश्न 3 अंक का है। साथ ही गलत उत्तर पर 1 अंक की नेगेटिव मार्किंग भी लागू है।
| बिंदु | जुलाई 2026 का ढांचा | नया पैटर्न |
|---|---|---|
| कुल प्रश्न | 150 | 120 |
| प्रति प्रश्न अंक | 1 | 3 |
| कुल अंक | 150 | 360 |
| नेगेटिव मार्किंग | नहीं | गलत उत्तर पर 1 अंक |
| समय | 150 मिनट | 120 मिनट |
| गणित के प्रश्न | 20 | 16 |
इस बदलाव को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई पुराने वेबसाइट पेज और कोचिंग नोट्स अभी भी 150 प्रश्न या बिना नेगेटिव मार्किंग वाला पैटर्न दिखा रहे हैं। इसलिए तैयारी और मॉक टेस्ट के लिए ताजा अधिसूचना और नया सिलेबस ही आधार बनाएं।
UP Super TET Primary Teacher Syllabus 2026: विषयवार प्रश्न और अंक
कक्षा 1 से 5 के प्राइमरी शिक्षक पदों के लिए नया पेपर कुल 120 प्रश्नों का होगा।
| विषय | प्रश्न | अंक |
|---|---|---|
| सामान्य ज्ञान एवं समसामयिक घटनाएं | 25 | 75 |
| तार्किक ज्ञान (Reasoning) | 5 | 15 |
| हिंदी, संस्कृत एवं अंग्रेजी | 30 | 90 |
| विज्ञान | 8 | 24 |
| गणित | 16 | 48 |
| पर्यावरण एवं सामाजिक अध्ययन | 8 | 24 |
| शिक्षण कौशल | 8 | 24 |
| बाल मनोविज्ञान | 8 | 24 |
| सूचना तकनीकी (ICT) | 4 | 12 |
| जीवन कौशल, प्रबंधन एवं अभिवृत्ति | 8 | 24 |
| कुल | 120 | 360 |
सभी प्रश्न बहुविकल्पीय होंगे और प्रत्येक प्रश्न में एक सही उत्तर होगा।
प्रश्नों का स्तर कितना रहेगा?
हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित और पर्यावरण एवं सामाजिक अध्ययन का स्तर कक्षा 12 तक रखा गया है।
वहीं शिक्षण कौशल, बाल मनोविज्ञान, ICT और जीवन कौशल से जुड़े हिस्सों का आधार D.El.Ed पाठ्यक्रम है।
इसका मतलब यह है कि केवल प्राथमिक कक्षाओं की किताबों तक सीमित तैयारी पर्याप्त नहीं होगी।
UP Super TET Syllabus 2026: हर विषय में क्या पढ़ें?
1. सामान्य ज्ञान एवं समसामयिक घटनाएं – 25 प्रश्न
25 प्रश्नों के साथ यह पेपर का सबसे बड़ा विषय है। इसमें देश-दुनिया की हालिया घटनाओं के साथ उत्तर प्रदेश से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरें भी शामिल हैं।
मुख्य रूप से इन क्षेत्रों पर ध्यान देना चाहिए:
- राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समसामयिक घटनाएं
- उत्तर प्रदेश से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाएं
- चर्चित स्थान और व्यक्तित्व
- प्रमुख रचनाएं
- राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार
- खेल
- भारतीय कला एवं संस्कृति
इस हिस्से को एक साथ रटने की बजाय रोज थोड़ा-थोड़ा पढ़ना ज्यादा उपयोगी रहेगा। सप्ताह के अंत में उस सप्ताह की महत्वपूर्ण खबरों का दोबारा revision किया जा सकता है।
2. तार्किक ज्ञान (Reasoning) – 5 प्रश्न
Reasoning से सिर्फ 5 प्रश्न हैं, लेकिन नियमित अभ्यास से इस हिस्से में अच्छी पकड़ बनाई जा सकती है।
सिलेबस में मुख्य रूप से ये टॉपिक्स शामिल हैं:
- Analogy
- Classification
- Number Series
- Letter Series
- Coding-Decoding
- Direction Sense
- Clock और Calendar
- Venn Diagram
- Puzzle
- Dice और Cube
- Coded Inequalities
- Data Interpretation
- Grouping और Selection
- Assertion and Reason
- Binary Logic
- Critical Reasoning
- Inferences
- Symbols and Notations
3. हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी – 30 प्रश्न
तीनों भाषाओं से मिलाकर कुल 30 प्रश्न पूछे जाएंगे, यानी यह पूरा सेक्शन 90 अंकों का है।
इसमें व्याकरण, गद्यांश का अर्थ-बोध और अपठित गद्य एवं पद्य से जुड़े प्रश्न शामिल होंगे।
आयोग के दस्तावेज में तीनों भाषाओं के लिए कुल 30 प्रश्न बताए गए हैं, लेकिन भाषावार प्रश्नों का अलग-अलग बंटवारा नहीं दिया गया है। इसलिए किसी एक भाषा को पूरी तरह छोड़कर तैयारी करना उचित नहीं होगा।
4. गणित – 16 प्रश्न
गणित में बुनियादी अंकगणित के साथ बीजगणित और ज्यामिति के कुछ हिस्से भी शामिल हैं।
तैयारी के लिए इन टॉपिक्स पर ध्यान दें:
- संख्या पद्धति
- दशमलव और भिन्न
- स्थानीय मान
- मूल संक्रियाएं
- प्रतिशत
- लाभ-हानि
- औसत
- अनुपात
- ब्याज
- ऐकिक नियम
- विभाज्यता
- गुणनखंड
- बीजगणित
- बीजीय सर्वसमिकाएं
- क्षेत्रफल
- आयतन
- ज्यामिति
- सांख्यिकी
5. विज्ञान – 8 प्रश्न
विज्ञान का सिलेबस रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े कई विषयों को कवर करता है।
इसमें मुख्य रूप से गति, बल, ऊर्जा, प्रकाश, ध्वनि, पदार्थ और उसकी अवस्थाएं, जीव-जगत, मानव शरीर एवं स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण, पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधन शामिल हैं।
6. पर्यावरण एवं सामाजिक अध्ययन – 8 प्रश्न
इस विषय में कई अलग-अलग हिस्से शामिल हैं।
भूगोल: पृथ्वी की संरचना, नदियां, पर्वत, महाद्वीप, महासागर, अक्षांश-देशांतर, सौरमंडल, भारत का भूगोल और प्राकृतिक संपदा।
इतिहास: स्वतंत्रता संग्राम, समाज सुधारक और सांस्कृतिक विरासत।
नागरिक शास्त्र एवं अर्थव्यवस्था: संविधान, शासन व्यवस्था, भारतीय अर्थव्यवस्था और उसकी चुनौतियां।
इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक आपदा प्रबंधन, यातायात और सड़क सुरक्षा भी सिलेबस का हिस्सा हैं।
7. शिक्षण कौशल – 8 प्रश्न
इस सेक्शन में शिक्षण की विधियां और कौशल, सीखने-सिखाने के सिद्धांत, समकालीन भारतीय समाज एवं प्रारंभिक शिक्षा, समावेशी शिक्षा, नई शैक्षिक पहलें, आकलन एवं मापन, आरंभिक पठन कौशल तथा शैक्षिक प्रबंधन और प्रशासन शामिल हैं।
इस हिस्से में केवल परिभाषाएं याद करने के बजाय परिस्थितियों को समझना भी जरूरी है।
उदाहरण के लिए, अगर किसी कक्षा में कोई बच्चा बाकी बच्चों की तुलना में धीमी गति से सीख रहा है, तो शिक्षक से संबंधित प्रश्न में ऐसी रणनीति अपेक्षित हो सकती है जिसमें शिक्षक बच्चे की सीखने की समस्या को समझकर अपनी teaching strategy में बदलाव करे।
8. बाल मनोविज्ञान – 8 प्रश्न
बाल मनोविज्ञान में बाल विकास, व्यक्तिगत भिन्नताएं, सीखने की जरूरतें, सीखने का वातावरण और अधिगम के सिद्धांत शामिल हैं।
इसके अलावा कक्षा में इन सिद्धांतों के इस्तेमाल और दिव्यांग बच्चों के लिए जरूरी व्यवस्थाओं से जुड़े विषय भी पढ़ने होंगे।
9. सूचना तकनीकी (ICT) – 4 प्रश्न
ICT से सिर्फ 4 प्रश्न यानी 12 अंक निर्धारित हैं।
इसमें कंप्यूटर, इंटरनेट, स्मार्टफोन, शैक्षिक ऐप, डिजिटल शिक्षण सामग्री और Open Educational Resources (OER) जैसे विषय शामिल हैं।
प्रश्नों की संख्या कम है, लेकिन इस हिस्से को पूरी तरह छोड़ना सही नहीं होगा।
10. जीवन कौशल, प्रबंधन एवं अभिवृत्ति – 8 प्रश्न
इस सेक्शन में पेशेवर आचरण एवं नैतिकता, प्रेरणा, शिक्षक की भूमिका, संवैधानिक एवं मानवीय मूल्य तथा दंड और पुरस्कार व्यवस्था के प्रभावी इस्तेमाल जैसे विषय शामिल हैं।
शिक्षक की भूमिका में सुविधादाता, अनुश्रवणकर्ता, नेतृत्वकर्ता, मार्गदर्शक और परामर्शदाता जैसे पहलुओं को भी समझना होगा।
कक्षा 6 से 8 के लिए Upper Primary Syllabus
अगर आपका लक्ष्य कक्षा 6 से 8 के शिक्षक पद हैं, तो इसका ढांचा प्राइमरी से अलग है।
Upper Primary पेपर दो भागों में विभाजित है:
| भाग | विषय | प्रश्न | अंक |
|---|---|---|---|
| भाग 1 | सामान्य ज्ञान (सभी के लिए अनिवार्य) | 30 | 90 |
| भाग 2 | चुना हुआ शिक्षण विषय | 90 | 270 |
भाग 2 में चुना गया विषय पद के अनुसार निर्धारित होता है। भाषा शिक्षक के लिए हिंदी, अंग्रेजी या संस्कृत में से संबंधित विषय, सामाजिक अध्ययन शिक्षक के लिए सामाजिक अध्ययन और विज्ञान-गणित शिक्षक के लिए विज्ञान एवं गणित शामिल है।
महत्वपूर्ण: मौजूदा विज्ञापन 05/2026 में प्राइमरी के शहरी और संलग्न प्राथमिक पद शामिल हैं। ऊपर Upper Primary का पैटर्न केवल समझाने के लिए दिया गया है। कक्षा 6 से 8 की भर्ती के लिए संबंधित अधिसूचना को ही आधार बनाएं।
नेगेटिव मार्किंग के साथ स्कोर कैसे निकालें?
नए पैटर्न में स्कोर निकालने का आसान तरीका है:
स्कोर = (सही उत्तर × 3) – (गलत उत्तर × 1)
उदाहरण के लिए, अगर आपने 100 प्रश्न सही किए और 12 गलत हुए, जबकि 8 प्रश्न छोड़ दिए, तो आपका स्कोर होगा:
100 × 3 – 12 = 288 अंक
छोड़े गए प्रश्न पर कोई अंक नहीं मिलेगा और कोई अंक कटेगा भी नहीं।
क्या हर प्रश्न को attempt करना चाहिए?
चार विकल्प वाले प्रश्न में बिना सोचे अनुमान लगाना हमेशा फायदेमंद नहीं होता। लेकिन अगर किसी प्रश्न में आप कम से कम एक विकल्प को निश्चित रूप से गलत पहचान लेते हैं, तो बाकी विकल्पों में सही उत्तर चुनने की संभावना बढ़ जाती है।
इसलिए परीक्षा से पहले option elimination का अभ्यास करें। सिर्फ प्रश्न पूरा करने के लिए आंख बंद करके उत्तर लगाने की बजाय पहले विकल्पों को समझें।
120 मिनट में 120 प्रश्न कैसे संभालें?
परीक्षा में 120 मिनट और 120 प्रश्न हैं। यानी औसतन एक प्रश्न के लिए करीब एक मिनट मिलता है।
आसान और जल्दी हल होने वाले प्रश्नों से समय बचाना उपयोगी रहेगा। उदाहरण के लिए GK और ICT के कुछ प्रश्न जल्दी हल हो सकते हैं। बचा हुआ समय गणित और Reasoning जैसे अपेक्षाकृत समय लेने वाले प्रश्नों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
UP Super TET 2026 की तैयारी कैसे करें?
नए पेपर को केवल विषयों की सूची के रूप में देखने के बजाय उसके अंक-वजन को भी समझें।
- GK + भाषाएं + गणित: 25 + 30 + 16 = 71 प्रश्न यानी 213 अंक।
- शिक्षण कौशल + बाल मनोविज्ञान + ICT + जीवन कौशल: 28 प्रश्न यानी 84 अंक।
- विज्ञान + पर्यावरण एवं सामाजिक अध्ययन + Reasoning: 21 प्रश्न यानी 63 अंक।
इसके आधार पर अपनी तैयारी कुछ इस तरह व्यवस्थित कर सकते हैं:
1. सिलेबस को checklist में बदलें
हर टॉपिक के सामने तीन कॉलम रखें:
पढ़ लिया | Revision बाकी | Questions बाकी
इससे आपको साफ पता रहेगा कि तैयारी कहां तक पहुंची है।
2. रोज GK, भाषा और गणित के लिए समय रखें
इन तीनों विषयों का कुल वेटेज काफी बड़ा है। इसलिए रोज की पढ़ाई में इनके लिए पर्याप्त समय रखना उपयोगी रहेगा।
3. हर टॉपिक के बाद प्रश्न हल करें
सिर्फ theory पढ़कर आगे न बढ़ें। पढ़े हुए टॉपिक से questions solve करें।
अभ्यास के लिए RojgarPath Question Bank का इस्तेमाल किया जा सकता है।
4. हर सप्ताह एक full mock test दें
मॉक टेस्ट को वास्तविक परीक्षा जैसा रखें 120 मिनट, 120 प्रश्न और नेगेटिव मार्किंग के साथ।
टेस्ट के बाद सिर्फ score न देखें। यह भी देखें कि गलतियां किन कारणों से हुईं concept की कमी, जल्दबाजी या गलत अनुमान।
5. पुराने नोट्स जरूर अपडेट करें
अगर आपके पुराने नोट्स 150 प्रश्न, 150 अंक या 20 गणित प्रश्न वाले पैटर्न के आधार पर बने हैं, तो उन्हें नए पैटर्न के अनुसार अपडेट कर लें।
UP Super TET 2026 Important Links
| लिंक | उपयोग |
|---|---|
| UPESSC आधिकारिक वेबसाइट | सिलेबस, अधिसूचना और आवेदन की आधिकारिक जानकारी |
| RojgarPath Question Bank | प्रश्नों का अभ्यास |
सिलेबस का कोई अलग PDF लिंक इस्तेमाल करने से पहले उसे UPESSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर verify करें।
UP Super TET Syllabus 2026 FAQs
1. क्या Primary का सिलेबस Upper Primary की तैयारी के लिए भी पर्याप्त है?
नहीं। दोनों का पैटर्न अलग है। Primary में 10 विषय-खंडों से 120 प्रश्न हैं, जबकि Upper Primary में 30 प्रश्न सामान्य ज्ञान के और 90 प्रश्न चुने हुए शिक्षण विषय के होते हैं।
2. पुराने पेजों पर 150 प्रश्न और No Negative Marking क्यों लिखा है?
यह जुलाई 2026 में सामने आए शुरुआती परीक्षा पैटर्न की जानकारी है। सितंबर में जारी नए पैटर्न में 120 प्रश्न, 360 अंक और गलत उत्तर पर 1 अंक की कटौती निर्धारित है।
3. क्या Primary में हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी में से किसी एक भाषा को चुनना होगा?
प्राइमरी पेपर में हिंदी, संस्कृत और अंग्रेजी के प्रश्न कुल 30 प्रश्नों में शामिल हैं। दस्तावेज में इन तीनों का अलग-अलग प्रश्नवार विभाजन नहीं दिया गया है। विषय चुनने की व्यवस्था Upper Primary के दूसरे भाग में है।
4. ICT के केवल 4 प्रश्न हैं, तो इसकी तैयारी कितनी करें?
ICT से 4 प्रश्न यानी 12 अंक हैं। कंप्यूटर, इंटरनेट, शैक्षिक ऐप और OER जैसे बुनियादी विषयों को तैयार करना चाहिए। कम प्रश्न होने के कारण इसे पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है।
5. गणित के प्रश्न 20 से घटकर 16 हो गए हैं, तो क्या इसका महत्व कम हो गया?
प्रश्नों की संख्या जरूर कम हुई है, लेकिन प्रत्येक प्रश्न 3 अंक का है। इसलिए गणित का कुल वेटेज अभी भी 48 अंक है।
निष्कर्ष
UP Super TET 2026 का नया पैटर्न पहले की तुलना में अलग है। अब 120 प्रश्न, 360 अंक और गलत उत्तर पर 1 अंक की नेगेटिव मार्किंग है। इसलिए केवल ज्यादा प्रश्न हल करना ही पर्याप्त नहीं होगा; प्रश्नों को समझकर और सोच-समझकर attempt करना भी जरूरी होगा।
तैयारी की शुरुआत सिलेबस को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर करें। इसके बाद विषय के अंक-वजन के अनुसार पढ़ाई का समय तय करें और नियमित mock test से अपनी speed और accuracy दोनों पर काम करें।
सबसे जरूरी बात पुराने notes, पुराने articles या coaching material को अंतिम आधार न बनाएं। परीक्षा से जुड़ी किसी भी महत्वपूर्ण जानकारी के लिए UPESSC की नवीनतम अधिसूचना और आधिकारिक सिलेबस को प्राथमिक स्रोत मानें।
