महर्षि दयानंद सरस्वती यूनिवर्सिटी (MDSU), अजमेर, राजस्थान ने हाल ही में परीक्षा उत्तर-पुस्तिका मूल्यांकन प्रक्रिया के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं ताकि पारदर्शिता, निष्पक्षता और सटीकता सुनिश्चित हो सके। यह कदम छात्रों, अभिभावकों और शिक्षण समुदाय की चिंताओं और विवादों के बीच उठाया गया है।
अनियमितताओं को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और छात्र आंदोलनों के कारण विश्वविद्यालय प्रशासन ने मूल्यांकन प्रणाली पर सुधार लाने की आवश्यकता महसूस की।
क्यों किये गए संशोधन?
मूल्यांकन प्रक्रिया में उठे गंभीर प्रश्न
कुछ दिन पहले एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें छात्रों को उत्तर-पुस्तिकाएँ खुद जांचते हुए दिखाया गया, जिससे छात्रों तथा शैक्षणिक समुदाय के बीच मूल्यांकन की विश्वसनीयता पर सवाल उठे।
ऐसे घटनाक्रमों से न केवल छात्रों का भरोसा प्रभावित हुआ बल्कि विश्वविद्यालय प्रशासन पर भी नियमों का पालन न करने के आरोप लगे।
संशोधित मूल्यांकन नियम – मुख्य बिंदु
एमडीएस यूनिवर्सिटी द्वारा जारी नए नियमों में परीक्षा उत्तर-पुस्तिका को मूल्यांकित करने के लिए काफी स्पष्ट और कठोर दिशानिर्देश दिए गए हैं:
अंक दोनों रूपों में लिखना अनिवार्य
परीक्षा मूल्यांकन करते समय कुल अंक को उत्तर-पुस्तिका के कवर पेज पर अंकों (Figures) और शब्दों (Words) दोनों में लिखना आवश्यक कर दिया गया है। इससे गलतफहमी या गड़बड़ी की गुंजाइश कम होगी।
बिना सत्यापन संशोधन नहीं
अगर मूल्यांकन में कोई गलती पाई जाती है तो ओवरराइटिंग (गलत अंक को हटाकर सीधे नए अंक लिखना) की अनुमति नहीं है। ऐसी स्थिति में गलती को पूरा काट कर सही अंक पास में लिखा जाना चाहिए और इसके साथ हस्ताक्षर भी अनिवार्य है।
खाली पृष्ठों पर क्रॉस मार्क
छात्र द्वारा खाली छोड़े गए उत्तर-पृष्ठों पर ‘X’ या क्रॉस मार्क करना अनिवार्य हो गया है ताकि बाद में किसी प्रकार की हेराफेरी न हो सके।
मूल्यांकनकर्ता की जवाबदेही
प्रत्येक उत्तर-पुस्तिका पर मूल्यांकनकर्ता का हस्ताक्षर भी अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे हर मूल्यांकन कार्य जिम्मेदारी और पारदर्शिता से संपन्न होगा।
छात्रों और स्टेकहोल्डर्स के लिए असर
ये नियम छात्रों को निम्नलिखित लाभ देंगे:
- मूल्यांकन में गलतियों की संख्या घटेगी
- स्वतंत्र सत्यापन की प्रक्रिया सरल होगी
- आरटीआई या अन्य अधिकारों के तहत उत्तर-पुस्तिका की जांच अधिक सटीक रूप से संभव होगी
- मूल्यांकन प्रक्रिया पर विश्वास और न्याय की भावना मजबूत होगी
निष्कर्ष
एमडीएस यूनिवर्सिटी द्वारा उत्तर-पुस्तिका मूल्यांकन नियमों में यह संशोधन एक आछे और जवाबदेह परीक्षा प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे न सिर्फ छात्र समुदाय को न्याय मिलेगा बल्कि मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता, सटीकता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।
इन बदलावों से उम्मीद है कि समय के साथ छात्र और शिक्षण समुदाय के बीच विश्वविद्यालय प्रणाली के प्रति विश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण मजबूत होगा।
