मुख्यमंत्री पालनहार योजना राजस्थान सरकार की एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसका उद्देश्य ऐसे बच्चों की देखभाल और शिक्षा सुनिश्चित करना है जिनके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी हो या जो विशेष परिस्थितियों के कारण बच्चों का पालन-पोषण करने में असमर्थ हों।
इस योजना के अंतर्गत ऐसे बच्चों को आर्थिक सहायता दी जाती है ताकि वे परिवार या रिश्तेदारों के साथ रहकर सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें और उनकी पढ़ाई बाधित न हो। योजना का संचालन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान द्वारा किया जाता है।
पालनहार योजना ने राज्य में हजारों अनाथ, अर्ध-अनाथ एवं निराश्रित बच्चों को संस्थागत आश्रय गृहों के बजाय पारिवारिक वातावरण में जीवन जीने का अवसर प्रदान किया है।
योजना का उद्देश्य
- अनाथ एवं निराश्रित बच्चों का पारिवारिक संरक्षण
- बच्चों की शिक्षा एवं दैनिक जरूरतों की पूर्ति
- संस्थागत देखभाल के बजाय परिवार आधारित देखभाल को बढ़ावा
- बच्चों को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन देना
- सामाजिक असमानता को कम करना
योजना के प्रमुख लाभ
- बच्चों के पालन-पोषण हेतु मासिक आर्थिक सहायता
- बच्चों की शिक्षा जारी रखने में मदद
- परिवार/रिश्तेदार के साथ सुरक्षित जीवन
- आवेदन की ऑनलाइन सुविधा
- पारदर्शी चयन एवं भुगतान प्रक्रिया
पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
मुख्यमंत्री पालनहार योजना का लाभ उन्हीं बच्चों को मिलता है जो निम्न में से किसी श्रेणी में आते हों:
- माता-पिता दोनों का निधन हो चुका हो
- पिता की मृत्यु तथा मां पुनर्विवाह कर चुकी हो
- माता-पिता गंभीर बीमारी/कारावास के कारण असमर्थ हों
- बच्चा राजस्थान का स्थायी निवासी हो
- बच्चे की आयु सामान्यतः 18 वर्ष तक (शिक्षा जारी होने पर नियमानुसार बढ़ सकती है)
आवश्यक दस्तावेज
- बच्चे का जन आधार कार्ड
- आधार कार्ड
- जन्म प्रमाण पत्र
- माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- निवास प्रमाण पत्र
- बैंक खाता विवरण
- स्कूल/कॉलेज प्रमाण पत्र
योजना के अंतर्गत मिलने वाली सहायता
पालनहार योजना के तहत बच्चों को आयु के अनुसार सहायता राशि दी जाती है:
- 0 से 6 वर्ष: मासिक सहायता
- 6 से 18 वर्ष: बढ़ी हुई मासिक सहायता
- 18 वर्ष से अधिक (यदि पढ़ाई जारी हो): नियमानुसार सहायता
सहायता राशि सीधे बैंक खाते (DBT) में भेजी जाती है।
आवेदन प्रक्रिया (How to Apply)
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
- राजस्थान सरकार के SSO पोर्टल पर जाएं
- जन आधार से लॉगिन करें
- मुख्यमंत्री पालनहार योजना चुनें
- आवेदन फॉर्म भरें
- आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें
- फॉर्म सबमिट करें
ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया
- नजदीकी ई-मित्र केंद्र या
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग कार्यालय में संपर्क करें
आवेदन की स्थिति कैसे जांचें
- SSO / जन आधार पोर्टल पर लॉगिन करें
- Application Status विकल्प चुनें
- जन आधार / आवेदन संख्या दर्ज करें
महत्वपूर्ण तिथियाँ
| विवरण | तिथि |
|---|---|
| आवेदन शुरू | पूरे वर्ष |
| आवेदन अंतिम तिथि | कोई अंतिम तिथि नहीं |
| सहायता वितरण | नियमित (DBT) |
संबंधित विभाग एवं आधिकारिक जानकारी
- विभाग: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान
- योजना: मुख्यमंत्री पालनहार योजना
- आवेदन माध्यम: ऑनलाइन / ई-मित्र
Latest Update / New Guidelines (2025–26)
- जन आधार अनिवार्य
- DBT के माध्यम से सीधा भुगतान
- शिक्षा जारी रखने पर सहायता अवधि बढ़ाई जा सकती है
- सत्यापन प्रक्रिया को और सख्त किया गया
FAQs
Q1. पालनहार योजना किसके लिए है?
अनाथ, अर्ध-अनाथ और निराश्रित बच्चों के लिए।
Q2. क्या जन आधार कार्ड जरूरी है?
हाँ, राजस्थान में जन आधार अनिवार्य है।
Q3. सहायता राशि कैसे मिलती है?
सीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से।
Q4. क्या एक परिवार में एक से अधिक बच्चे लाभ ले सकते हैं?
हाँ, यदि सभी पात्र हों।
Q5. आवेदन कहां करें?
SSO पोर्टल या नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री पालनहार योजना 2026 राजस्थान सरकार की एक अत्यंत संवेदनशील और प्रभावी योजना है, जो बेसहारा बच्चों को सुरक्षित भविष्य देने का कार्य करती है। यदि आपके आसपास कोई पात्र बच्चा है, तो उसे इस योजना का लाभ अवश्य दिलाएं।
