राजस्थान Fasal Bima Yojana 2025-26 (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana – PMFBY)

राजस्थान फसल बीमा योजना

परिचय

राजस्थान Fasal Bima Yojana, जिसे केंद्रीय सरकार की Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana (PMFBY) के नाम से भी जाना जाता है, किसानों की फसलों को प्राकृतिक आपदाओं, कीट/रोग तथा मौसम से होने वाले नुकसान से वित्तीय सुरक्षा देने का एक प्रमुख सरकारी प्रयास है। यह योजना राजस्थान में कृषि क्षेत्र की स्थिरता और किसान की आय को सुरक्षित बनाये रखने के उद्देश्य से लागू है।

PMFBY किसानों को कम प्रीमियम दर पर फसल बीमा प्रदान करती है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार बीमा प्रीमियम का एक बड़ा हिस्सा साझा करती हैं। बीमा का लाभ खरीफ, रबी तथा बागवानी/वाणिज्यिक फसलों पर लागू होता है।

योजना का उद्देश्य

  • प्राकृतिक आपदाओं (सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, तूफान आदि) तथा कीट/रोग से फसल नुकसान से किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना।
  • कृषि आय को स्थिर बनाना और जोखिम से उबड़-खाबड़ फसल व्यवसाय को समर्थन देना।
  • किसान की वित्तीय भारदस्तियों को कम कर कृषि में निवेश को बढ़ावा देना।

योजना के प्रमुख लाभ

  • फसलों के नुकसान पर आर्थिक मुआवजा मिलता है।
  • खेती में जोखिम कम होता है, जिससे किसान आत्मविश्वास से खेती कर सकते हैं।
  • जमा किए गए प्रीमियम पर सरकार की उच्च सब्सिडी — खरीफ फसलों पर 2%, रबी पर 1.5%, वाणिज्यिक/बागवानी फसलों पर 5% (सरकारी प्रावधान के अनुसार)।
  • बीमा राशि सीधे किसान के बैंक खाते में दी जाती है।

पात्रता (Eligibility Criteria)

किसान तभी योजना के लाभार्थी बन सकते हैं यदि:

  • उन्होंने अधिसूचित फसल की बुवाई की हो।
  • वे भूमिधारक, बंटाईदार या पट्टेदार किसान हों।
  • जरूरी दस्तावेज (बाद में सूचीबद्ध) जमा किए हों।

ध्यान दें:ऋणी किसानों के नामांकन के लिए बैंक/आधिकारिक चैनल उनके लिये स्वतः कर सकते हैं, जबकि गैर-ऋणी किसानों को स्वयं आवेदन करना होता है।

आवश्यक दस्तावेज

आवेदन के दौरान आम तौर पर ये दस्तावेज चाहिए होते हैं:

  • आधार कार्ड।
  • भूमि/जमाबंदी की नकल (RoR)।
  • बैंक पासबुक की कॉपी।
  • कृषक पहचान/बुवाई का प्रमाण (जारी-किया प्रमाणपत्र/घोषणा पत्र)।

योजना के तहत मिलने वाली सहायता / राशि / लाभ

  • सरकारी प्रीमियम सब्सिडी: खरीफ 2%, रबी 1.5%, बागवानी/वाणिज्यिक 5%।
  • बीमित राशि: फसल प्रकार और क्षेत्र के अनुसार बीमित राशि निर्धारित। उदाहरण के लिए गेहूँ और सरसों के लिए बीमित दरें अलग-अलग होती हैं (राज्य अधिसूचित जानकारी के अनुसार)।
  • मुआवजा भुगतान: नुकसान रिपोर्ट/सर्वे के बाद भुगतान सीधे बैंक खाते में किया जाता है।

आवेदन प्रक्रिया (Step by Step – Online/Offline)

Online Application

  1. राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर जाएँ: pmfby.gov.in
  2. Farmer Registration फॉर्म खोलें।
  3. राज्य, मौसम (खरीफ/रबी) और वर्ष चुनें।
  4. व्यक्तिगत और भूमि-संबंधी जानकारी भरें।
  5. आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें और प्रीमियम भुगतान करें।
  6. पंजीकरण प्राप्त करें और पुष्टि स्क्रीन को सेव करें।

Offline Application

  • नजदीकी बैंक शाखा / CSC केंद्र / कृषि विभाग कार्यालय में जाकर फॉर्म भरकर जमा करें।
  • दस्तावेज और प्रीमियम दें।

राजस्थान फसल बीमा योजना: सीजन अनुसार बीमित फसलों की सूची

नीचे राजस्थान राज्य में सामान्य रूप से अधिसूचित (Notified) फसलों की जानकारी दी जा रही है। अंतिम सूची हर वर्ष जिला-वार अधिसूचना पर निर्भर करती है।

खरीफ फसलें (Kharif Crops – 2025)

  • बाजरा
  • मक्का
  • ज्वार
  • मूंग
  • उड़द
  • मूंगफली
  • तिल
  • कपास
  • धान (चयनित जिले)
  • सोयाबीन

खरीफ फसलों पर किसान प्रीमियम:
👉 केवल 2% (शेष राशि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा वहन)

रबी फसलें (Rabi Crops – 2025-26)

  • गेहूं
  • जौ
  • चना
  • सरसों
  • मसूर
  • मटर
  • अलसी

रबी फसलों पर किसान प्रीमियम:
👉 केवल 1.5%

बागवानी / वाणिज्यिक फसलें

  • सब्जियां (अधिसूचित क्षेत्र में)
  • फल-फसलें
  • मसाला फसलें

प्रीमियम दर:
👉 अधिकतम 5%

फसल नुकसान की सूचना (Crop Loss Intimation)

यदि फसल को नुकसान होता है तो किसान को:

  • 72 घंटे के भीतर
  • ऑनलाइन पोर्टल / हेल्पलाइन / बैंक / कृषि कार्यालय में
  • नुकसान की सूचना देना अनिवार्य है

👉 देरी होने पर बीमा दावा अस्वीकृत हो सकता है।

हेल्पलाइन व सहायता

  • टोल-फ्री नंबर: 14447
  • शिकायत नंबर: 1800-116-515
  • आधिकारिक वेबसाइट: https://pmfby.gov.in

फसल बीमा योजना की फसल सूची, प्रीमियम दर एवं अंतिम तिथि राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार बदल सकती है। आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर जानकारी अवश्य जांचें।

Latest Updates / Facts (2025-26)

रबी फसलों का बीमा करने की अंतिम तिथि: 31 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई थी।

2025-26 के लिए अब तक लाखों किसानों ने आवेदन भर दिए हैं और हजारों हेक्टेयर में फसल बीमित की जा चुकी है।

केंद्र और राज्य सरकार पिछले वर्षों में हजारों करोड़ रुपये के मुआवजे का भुगतान कर चुकी हैं।

किसान फसल नुकसान की सूचना 72 घंटों के भीतर सम्बन्धित पोर्टल/हेल्पलाइन/बैंक/कृषि कार्यालय में देना चाहिए।

FAQs

1. PMFBY क्या है?
👉 यह किसान फसल को प्राकृतिक आपदाओं और जोखिम से होने वाले नुकसान से बीमित करने वाली सरकारी योजना है।

2. कौन-कौन लाभ उठा सकते हैं?
👉 भूमिधारक, बंटाईदार और पट्टेदार किसान सभी पात्र हैं।

3. प्रीमियम कितना है?
👉 खरीफ 2%, रबी 1.5% और वाणिज्यिक/बागवानी 5% (सरकारी निर्धारित दर के अनुसार)।

4. आवेदन कैसे करें?
👉 ऑनलाइन pmfby.gov.in या नजदीकी बैंक/CSC केंद्र से।

5. नुकसान की सूचना कब देनी है?
👉 फसल नुकसान होने पर 72 घंटे के अंदर।

6. मुआवजा कैसे मिलेगा?
👉 सर्वे और सत्यापन के बाद सरकार सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर करती है।

7. अंतिम तारीख से पहले आवेदन जरूरी क्यों?
👉 ताकि बीमा कवरेज अंमल में आ सके और मुआवजा प्राप्त करने का अधिकार सुरक्षित रहे।

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