राजस्थान कृषि विकास और प्राकृतिक/जैविक खेती योजनाएँ – 2026

राजस्थान कृषि विकास और प्राकृतिक/जैविक खेती योजनाएँ – 2026

Table of Contents

Introduction (परिचय)

राजस्थान सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और पर्यावरण-मित्र कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएँ चला रही है। इनमें जैविक खेती, प्राकृतिक खेती (Natural/Zero Budget Natural Farming) और कृषि उपकरण/उर्वरक-सब्सिडी योजनाएँ प्रमुख हैं। राज्य सरकार के राज किसान साथी पोर्टल पर इन योजनाओं के लिए आवेदन, प्रमाणन और अनुदान आवेदन उपलब्ध हैं, तथा विभिन्न कृषि-विकास योजनाओं के तहत किसान सीधे लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

प्राकृतिक/जैविक खेती का लक्ष्य मिट्टी की सेहत में सुधार, रसायन-मुक्त उत्पादकता, लागत कम करना और टिकाऊ कृषि का विस्तार करना है। राजस्थान में परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) के अंतर्गत जैविक खेती को क्लस्टर-आधारित सहायता दी जाती है, तथा किसान भूमि की जैविक परिवर्तन और जैविक इनपुट पर सब्सिडी पा सकते हैं।

केंद्र सरकार की National Mission on Natural Farming (NMNF) भी राज्य में लागू हो रही है, जिसके तहत किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहन राशि दी जाती है और प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।

राजस्थान कृषि विभाग की पहल से जैविक उपज के प्रमाणन, जैविक खाद निर्माण, जैविक दवाओं, वर्मी कंपोस्ट यूनिट आदि के लिए सब्सिडी प्रदान की जाती है, जिससे किसानों को लाभदायक और पर्यावरण-अनुकूल कृषि अपनाने में मदद मिलती है।

योजना का उद्देश्य

  • मिट्टी स्वास्थ्य का संरक्षण और रसायन-मुक्त खेती को बढ़ावा देना।
  • खेती की लागत को कम करना और किसानों की नेट आय में वृद्धि करना।
  • प्राकृतिक खेती/जैविक खेती को अपनाना, जिससे खाद्य गुणवत्ता सुरक्षित रहे।
  • जैविक उपज के लिए प्रमाणीकरण, मार्केटिंग और प्रशिक्षण उपलब्ध कराना।

योजना के प्रमुख लाभ

सब्सिडी व अनुदान: जैविक परिवर्तन, जैविक बीज/खाद, वर्मी कंपोस्ट यूनिट आदि पर सहायता।
कृषि लागत में कमी: रसायन-मुक्त खेती से इनपुट लागत घटती है।
प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहायता: प्राकृतिक खेती तकनीकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम।
सरकारी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन सुविधा: राज किसान साथी पोर्टल से आवेदन।
लाभदायक उत्पादन: जैविक उत्पादों के बढ़ते बाजार से बेहतर मूल्य।

पात्रता (Eligibility Criteria)

आवेदक Rajasthan का स्थायी निवासी होना चाहिए।
कृषि भूमि का मालिक/किसान होना आवश्यक है (कभी-कभार सहयोगी भूमिधारक पात्र)।
वर्मी कंपोस्ट/जैविक खाद यूनिट योजना में पशुधन/गोवंश होना आवश्यक हो सकता है।
आवेदन में कृषि पहचान/आधार/बैंक विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य है।

पात्रता में कुछ योजनाओं के लिए अतिरिक्त शर्तें लागू हो सकती हैं, जैसे पशुधन-संख्या या भूमि-आकार।

आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड/Jan Aadhar
  • बैंक खाता विवरण
  • भूमि रसीद / जमाबंदी
  • पशुधन प्रमाण (यदि लागू हो)
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट आकार फोटो

योजना के तहत मिलने वाली सहायता / राशि / लाभ

1. जैविक खेती सहायता (PKVY-Rajasthan)

भूमि का जैविक परिवर्तन: ₹1500/- प्रति हेक्टेयर
जैविक बीज/खाद मदद: ₹1500/- प्रति हेक्टेयर
वर्मी कंपोस्ट यूनिट पर ₹5000/- प्रति इकाई सहायता
जैविक कीटनाशी/वेस्ट डिकम्पोज़र आदि: ₹1000/- प्रति हेक्टेयर
👉 कुल लगभग ₹12,000/- प्रति किसान स्तर पर अनुदान।

2. Govardhan Jaivik Urvarak Yojana (Organic Fertilizer)

👉 जैविक उर्वरक उत्पादन के लिए 50% लागत या अधिकतम ₹10,000/- तक सब्सिडी।

3. National Mission on Natural Farming (NMNF)

👉 केंद्र की योजना के अनुसार ₹4,000/- प्रति एकड़ प्रति वर्ष (दो वर्ष) प्रोत्साहन।

4. कृषि उपकरण / यंत्र सब्सिडी

👉 कृषि यंत्रों पर 40-50% तक अनुदान।

आवेदन प्रक्रिया (Online / Offline – Step by Step)

Online (राज किसान साथी पोर्टल)

  1. आधिकारिक पोर्टल/राज किसान साथी पोर्टल पर जाएँ।
  2. किसान लॉगिन करें (आधार व OTP वेरिफिकेशन).
  3. योजना चुनें – जैविक/प्राकृतिक खेती विकल्प चुनें।
  4. विवरण भरें – भूमि, पशुधन, मोबाइल आदि।
  5. दस्तावेज अपलोड करें और सबमिट करें।
  6. आवेदन स्थिति पोर्टल पर ट्रैक करें।

Offline

  1. कृषि विभाग कार्यालय/ब्लॉक कृषि अधिकारी कार्यालय जाएँ।
  2. फॉर्म लें तथा आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें।
  3. सत्यापन के लिए जमा करें।

Latest Updates / Facts / Data (2026)

राज्य में राज किसान साथी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन सुविधा उपलब्ध है, जिससे किसान बिना ऑफ़लाइन दस्तावेज़ जमा किए आवेदन कर सकते हैं।
जैविक खेती की सहायता ₹12,000/- प्रति किसान तक है (PKVY-क्लस्टर आधारित)।
National Mission on Natural Farming के तहत केंद्र ने भूमि-आधारित प्रोत्साहन के रूप में ₹4,000/- प्रति एकड़ की राशि घोषित की है।
राज्य कृषि विभाग वैज्ञानिक व पर्यावरण-अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने के लिए व्यापक सहायता दे रहा है।

आधिकारिक वेबसाइट व हेल्पलाइन

राज किसान साथी (Raj Kisan Sathi) Portal: rajkisan.rajasthan.gov.in
राजस्थान कृषि विभाग: agriculture.rajasthan.gov.in

FAQs

Q1. राजस्थान में प्राकृतिक खेती के लिए कितना अनुदान मिलता है?

➡️ PKVY जैविक खेती में लगभग ₹12,000/- और NMNF में ₹4,000/- प्रति एकड़ प्रति वर्ष सहायता प्राप्त है।

Q2. क्या पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन संभव है?

➡️ हाँ, राज किसान साथी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन उपलब्ध है।

Q3. वर्मी कंपोस्ट यूनिट पर सब्सिडी कितनी?

➡️ ₹5000/- प्रति इकाई तक की सहायता मिलती है।

Q4. किसान को कौन-सा पोर्टल उपयोग करना है?

➡️ rajkisan.rajasthan.gov.in पोर्टल का उपयोग।

Q5. क्या कृषि यंत्रों पर सब्सिडी भी मिलती है?

➡️ हाँ, 40-50% तक अनुदान मिलता है।

Q6. क्या केंद्र सरकार की योजना भी उपलब्ध है?

➡️ हाँ, NMNF के तहत प्राकृतिक खेती में प्रोत्साहन राशि।

Q7. आवेदन कहां जमा करें?

➡️ ऑनलाइन पोर्टल या नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय।

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