राजस्थान वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना राजस्थान सरकार की एक अनूठी और कल्याणकारी पहल है, जिसका उद्देश्य 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को नि:शुल्क तीर्थ यात्रा का अवसर प्रदान करना है। यह योजना विशेष रूप से धार्मिक आस्था के अनुभव को पूरा करने के लिए तैयार की गई है, जिसमें पात्र बुजुर्गों को रेल या हवाई मार्ग से प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा करवायी जाती है।
राजस्थान सरकार की यह योजना देवस्थान विभाग द्वारा संचालन की जाती है और इसमें योग्यता पूरी करने वाले वरिष्ठ नागरिकों को पूरे खर्च पर तीर्थ स्थल दर्शन का अवसर मिलता है, जिसमें यात्रा, भोजन, आवास व भ्रमण सब शामिल हैं।
योजना के तहत चयनित यात्रियों को समूहों के रूप में भेजा जाता है, जिससे उन्हें यात्रा के दौरान सुरक्षा और सहायता भी मिलती है।
राज्य सरकार इस पहल के माध्यम से बुजुर्गों को सम्मान तथा मानसिक व आध्यात्मिक संतोष प्रदान करने का प्रयास कर रही है।
योजना का उद्देश्य
- वरिष्ठ नागरिकों की धार्मिक और आध्यात्मिक इच्छाओं को पूरा करना।
- बुजुर्गों को सम्मान और आत्मिक संतोष प्रदान करना।
- आर्थिक बोझ के बिना धार्मिक स्थलों का दर्शन कराना।
योजना के प्रमुख लाभ
✔ नि:शुल्क तीर्थ यात्रा (रेल/हवाई मार्ग) सरकार द्वारा।
✔ यात्रा से जुड़े सम्पूर्ण खर्च –
- यात्रा किराया
- भोजन
- आवास
- भ्रमण कार्यक्रम
सब शामिल।
✔ समूहों में यात्रा, जिससे सुरक्षा और सहायता सुनिश्चित।
✔ एक सरकारी प्रतिनिधि भी समूह के साथ यात्रा करता है।
पात्रता (Eligibility Criteria)
- राजस्थान के स्थायी निवासी होना चाहिए।
- आयु ≥ 60 वर्ष होना अनिवार्य।
- आवेदक आयकरदाता नहीं होना चाहिए।
- COVID-19 वैक्सीन की दोनों डोज़ ली हो तो प्राथमिकता मिल सकती है।
आवश्यक दस्तावेज
- राजस्थान निवास प्रमाण पत्र।
- आधार कार्ड / जन-आधार कार्ड।
- चिकित्सा प्रमाणपत्र (स्वास्थ्य स्थिति का)।
- मोबाइल नंबर तथा अन्य संपर्क विवरण।
योजना के तहत मिलने वाली सहायता / लाभ
योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को निम्नलिखित सहायता प्रदान की जाती है:
- रेल मार्ग या हवाई मार्ग से तीर्थ यात्रा (सरकार द्वारा भुगतान)।
- नि:शुल्क भोजन यात्रा के दौरान।
- आवास तीर्थ दर्शन के दौरान सरकार की ओर से।
- समूह यात्रा व्यवस्था और सरकारी प्रतिनिधि सहायता।
यात्रा स्थलों की सूची में प्रमुख धार्मिक केंद्र जैसे रामेश्वरम, तिरुपति, वैष्णो देवी, हरिद्वार-ऋषिकेश, वाराणसी, कामख्या, गंगासागर, जगन्नाथपुरी आदि शामिल हैं।
आवेदन प्रक्रिया (Step by Step)
ऑनलाइन आवेदन
- देवस्थान विभाग के पोर्टल पर जाएँ।
- योजना के Online Application Form लिंक पर क्लिक करें।
- पंजीकरण कर व्यक्तिगत विवरण भरें।
- यात्रा स्थल और अन्य जानकारी दर्ज करें।
- आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- आवेदन Submit करें और विवरण सहेजें।
- चयन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से होता है।
- चयनित होने पर मोबाइल पर सूचना प्राप्त होगी।
Latest Updates / Facts (2025-26)
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 18 जुलाई 2025 से शुरू हुई और कुछ महीनों तक जारी रही।
इस वर्ष 56,000 वरिष्ठ नागरिकों को नि:शुल्क यात्रा की सुविधा दी जाएगी। इसमें 50,000 AC ट्रेन से और 6,000 हवाई मार्ग से यात्रा करेंगे।
लॉटरी चयन प्रक्रिया कई जिलों में पूरी हो चुकी है, जिसमें कई वरिष्ठ नागरिकों का चयन किया गया है।
ध्यान दें: कभी-कभी अधिक आवेदकों के कारण यात्रा में देरी या समायोजन की आवश्यकता हो सकती है।
आधिकारिक वेबसाइट व हेल्पलाइन
राजस्थान देवस्थान विभाग: devasthan.rajasthan.gov.in
Helpline: 0141-2923654 / 0294-2410330
Email: hq.dev@rajasthan.gov.in
FAQs
1. वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना क्या है?
यह योजना 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को नि:शुल्क धार्मिक यात्रा का अवसर देती है जिसमें यात्रा, भोजन और आवास शामिल है।
2. कौन आवेदन कर सकता है?
राजस्थान का स्थायी निवासी, आयु ≥ 60 वर्ष और आयकरदाता नहीं।
3. यात्रा स्थल कैसे चुनें?
आवेदन में आपकी पसंद का तीर्थ स्थल चुनने का विकल्प होता है।
4. चयन प्रक्रिया क्या है?
लॉटरी प्रणाली के आधार पर चयन किया जाता है।
5. यात्रा मुफ्त है क्या?
हाँ, यात्रा और उससे जुड़ा पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
6. चयनित होने पर सूचना कैसे मिलेगी?
चयनित लाभार्थी के मोबाइल नंबर पर SMS के माध्यम से सूचना दी जाती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
राजस्थान वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना राज्य सरकार की एक बेहद सराहनीय और मानवीय पहल है, जो बुजुर्गों को धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक संतोष का अनुभव नि:शुल्क प्रदान करती है। इस योजना में यात्रा, भोजन, आवास एवं भ्रमण जैसी सभी आवश्यक सुविधाएँ शामिल हैं, जिससे पात्र वरिष्ठ नागरिक सम्मानपूर्वक तीर्थस्थलों की यात्रा का लाभ उठा सकते हैं।
राज्य सरकार की यह पहल बुजुर्गों के सम्मान और जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रही है, तथा धार्मिक यात्रा के प्रति उनकी इच्छाओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
