परिचय – मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान क्या है?
राजस्थान भारत का सबसे बड़ा राज्य है, लेकिन यहां की सबसे बड़ी चुनौती है पानी। कम बारिश, गिरता भूजल स्तर, सूखे की मार और अनियमित मानसून ने वर्षों से राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों को पेयजल और सिंचाई दोनों के लिए संघर्ष करने पर मजबूर किया है। इसी संकट से निपटने के लिए राजस्थान सरकार ने एक जन-आंदोलन जैसा अभियान शुरू किया मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान (MJSA)।
इस अभियान की शुरुआत 27 जनवरी 2016 को झालावाड़ जिले के गर्दनखेड़ी गांव से हुई थी। यह अभियान चार प्रमुख जल संकल्पनाओं पर आधारित था — संग्रहित जल का उपचार, मौजूदा जल संचयन संरचनाओं का उचित उपयोग, गैर-कार्यात्मक जल संचयन संरचनाओं का नवीनीकरण और नई जल संचयन संरचनाओं का निर्माण। इस अभियान की सफलता इतनी उल्लेखनीय रही कि दक्षिण अफ्रीका जैसे देश ने भी इसे अपने यहां अपनाया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बजट 2024-25 में इस अभियान को नया रूप देते हुए मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 की घोषणा की। इसका लक्ष्य है — राज्यभर में 5 लाख जल संचयन संरचनाओं (Water Harvesting Structures) का निर्माण, जिनमें प्रथम चरण में ही 5,000 से अधिक गांवों में ₹3,500 करोड़ रुपए की लागत से 1 लाख 10 हजार से अधिक कार्य कराए जा रहे हैं।
यह राजस्थान सरकारी योजनाएं में सबसे बड़ी सामुदायिक जल संरक्षण पहल है — जो व्यक्तिगत लाभ की योजना नहीं, बल्कि पूरे गांव और समाज को साथ लेकर चलने वाला एक जन आंदोलन है।

Key Highlights – एक नज़र में पूरा अभियान
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| अभियान का नाम | मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान (MJSA) |
| मूल शुरुआत | 27 जनवरी 2016, गर्दनखेड़ी गांव, झालावाड़ |
| MJSA 2.0 घोषणा | बजट 2024-25 (मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा) |
| MJSA 2.0 लक्ष्य | 5 लाख जल संचयन संरचनाएं (Water Harvesting Structures) |
| प्रथम चरण गांव कवरेज | 5,135 गांव — 349 पंचायत समितियां |
| प्रथम चरण कार्य लागत | ₹3,500 करोड़ |
| प्रथम चरण कार्यों की संख्या | 1,10,000 से अधिक |
| चौथा चरण (पूर्व स्वरूप) | 3 अक्टूबर 2018 — वसुंधरा राजे द्वारा शुभारंभ |
| संचालक विभाग | जल संसाधन विभाग + ग्रामीण विकास पंचायती राज विभाग |
| आवेदन प्रक्रिया | कोई व्यक्तिगत आवेदन नहीं — ग्राम सभा द्वारा गांव चयन |
| अंतरराष्ट्रीय मान्यता | दक्षिण अफ्रीका ने भी यह मॉडल अपनाया |
| आधिकारिक पोर्टल | water.rajasthan.gov.in |
| हेल्पलाइन | 181 (Sampark) |
योजना का उद्देश्य
राजस्थान का बड़ा हिस्सा मरुस्थलीय और अर्ध-शुष्क क्षेत्र है जहां वर्षा जल का सही संरक्षण न होने से भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। परंपरागत जल स्रोत — तालाब, कुंड, बावड़ियां — या तो उपेक्षित पड़े हैं या खराब हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान का उद्देश्य है — वर्षा जल को स्थानीय स्तर पर ही रोकना और संरक्षित करना, परंपरागत जल स्रोतों का पुनरुद्धार करना, भूजल स्तर को बढ़ाना, सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराकर किसानों की आय बढ़ाना और गांवों को जल के मामले में आत्मनिर्भर (Water Self-Sufficient) बनाना।
अभियान की 4 मूल जल संकल्पनाएं
| संकल्पना | विवरण |
|---|---|
| 1. संग्रहित जल का उपचार | एकत्रित वर्षा जल की गुणवत्ता सुधार कर उपयोग योग्य बनाना |
| 2. मौजूदा संरचनाओं का उचित उपयोग | पहले से बने तालाब, कुंड, बांधों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना |
| 3. गैर-कार्यात्मक संरचनाओं का नवीनीकरण | खराब/बंद पड़े जल स्रोतों की मरम्मत और पुनर्जीवन |
| 4. नई जल संचयन संरचनाओं का निर्माण | नए तालाब, टांके, चेक डैम, एनिकट का निर्माण |
अभियान के तहत किए जाने वाले प्रमुख कार्य
✦ पारंपरिक तालाबों, कुंडों और बावड़ियों की मरम्मत व जीर्णोद्धार।
✦ नई तकनीक से टांकों (Underground Water Tanks) का निर्माण।
✦ मेड़बंदी (Field Bunding) — खेतों में जल संरक्षण की संरचनाएं।
✦ चेक डैम और एनिकट का निर्माण — बहते पानी को रोकना।
✦ जल ग्रहण क्षेत्र उपचार (Watershed Treatment)।
✦ वृक्षारोपण और हरियाली विकास — जल संरक्षण को सहयोग।
✦ पौंड/तालाब की गहराई बढ़ाना (Desiltation) — जल भंडारण क्षमता बढ़ाना।
✦ नाडी, जोहड़, बेरी जैसी पारंपरिक राजस्थानी जल संरचनाओं का पुनरुद्धार।
✦ मोबाइल जल परीक्षण प्रयोगशालाओं के माध्यम से जल गुणवत्ता जांच।
अभियान की चरणबद्ध यात्रा (Phase-wise Journey)
| चरण | तिथि/वर्ष | मुख्य विवरण |
|---|---|---|
| चरण 1 | 27 जनवरी 2016 | झालावाड़ के गर्दनखेड़ी गांव से शुभारंभ — वसुंधरा राजे सरकार |
| चरण 2-3 | 2017-18 | अभियान का क्रमिक विस्तार — अधिक गांव शामिल |
| चरण 4 | 3 अक्टूबर 2018 | वसुंधरा राजे द्वारा शुभारंभ, PHED मोबाइल जल परीक्षण लैब भी लॉन्च |
| विराम काल | 2019-2023 | कांग्रेस सरकार के दौरान अभियान में बदलाव |
| MJSA 2.0 | बजट 2024-25 | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा नई घोषणा — 5 लाख संरचनाओं का लक्ष्य |
| प्रथम चरण (2.0) | 2024-25 से जारी | 5,135 गांव, 349 पंचायत समिति, ₹3,500 करोड़ |
| वर्तमान स्थिति | 2026 | राज्यभर में क्रियान्वयन जारी — जिला स्तरीय समितियां सक्रिय |
MJSA 2.0 के लाभ एवं विशेषताएं
✦ 5 लाख जल संचयन संरचनाओं का महत्वाकांक्षी लक्ष्य — राज्य के इतिहास में सबसे बड़ा।
✦ प्रथम चरण में ही 5,135 गांव और 349 पंचायत समितियां कवर।
✦ ₹3,500 करोड़ की भारी निवेश राशि — ग्रामीण अधोसंरचना में बड़ा निवेश।
✦ 1,10,000 से अधिक कार्य — तालाब, टांके, मेड़बंदी, चेक डैम आदि।
✦ ग्रामीण विकास, कृषि उन्नति और पर्यावरण संरक्षण — तीनों को एक साथ बढ़ावा।
✦ जन-भागीदारी आधारित मॉडल — ग्रामीणों की सक्रिय भूमिका।
✦ जल जीवन मिशन 2.0 (केंद्र सरकार) के साथ समन्वय — ₹537.70 करोड़ की अतिरिक्त केंद्रीय सहायता भी प्राप्त।
✦ 2,212 से अधिक गांव ‘हर घर जल’ प्रमाणित घोषित — इनमें से 705 प्रमाण पत्र पिछले 2 महीनों में जारी।
गांव का चयन कैसे होता है?
यह एक महत्वपूर्ण बिंदु है जिसे समझना जरूरी है — मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान कोई व्यक्तिगत लाभ देने वाली योजना नहीं है, जिसमें व्यक्ति स्वयं आवेदन करके लाभ ले सके। यह एक सामुदायिक और ग्राम-केंद्रित अभियान है।
| चरण | प्रक्रिया |
|---|---|
| 1. गांव चिन्हीकरण | जल संकट से सर्वाधिक प्रभावित गांवों की पहचान जल संसाधन विभाग द्वारा |
| 2. ग्राम सभा बैठक | चयनित गांव में ग्राम सभा की बैठक बुलाई जाती है |
| 3. कार्य प्रस्ताव | ग्रामीण अपनी जरूरत के अनुसार जल संरचना कार्यों का प्रस्ताव रखते हैं |
| 4. तकनीकी स्वीकृति | विभागीय इंजीनियर द्वारा प्रस्तावित कार्यों की तकनीकी जांच व स्वीकृति |
| 5. कार्य निष्पादन | ग्राम पंचायत के माध्यम से कार्य कराया जाता है |
| 6. निगरानी | जिला स्तरीय समिति द्वारा कार्यों की नियमित निगरानी |
महत्वपूर्ण: इस अभियान में कोई व्यक्तिगत ऑनलाइन आवेदन फॉर्म नहीं भरा जाता। यदि आपके गांव में जल संकट है और आप चाहते हैं कि आपका गांव इस अभियान में शामिल हो, तो अपनी ग्राम पंचायत या सरपंच से संपर्क करें और ग्राम सभा में इस मुद्दे को उठाएं।
ग्रामीणों की भूमिका – जन भागीदारी
MJSA की सफलता का सबसे बड़ा राज है इसकी जन-भागीदारी मॉडल। इसमें ग्रामीण केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि सक्रिय भागीदार होते हैं:
✦ ग्राम सभा में जल संरक्षण संबंधी जरूरतों पर चर्चा और प्राथमिकता तय करना।
✦ श्रमदान (Shramdan) के माध्यम से निर्माण कार्यों में सहभागिता।
✦ स्थानीय पारंपरिक ज्ञान का उपयोग — पुराने जल स्रोतों की सही पहचान।
✦ निर्मित संरचनाओं का रखरखाव — दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करना।
✦ जल उपयोग समितियां (Water User Groups) बनाकर पानी का समुचित बंटवारा।
MJSA 2.0 और जल जीवन मिशन का समन्वय
मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) के साथ मिलकर काम करता है। हाल ही में राजस्थान को जल जीवन मिशन 2.0 के तहत ₹537.70 करोड़ की केंद्रीय सहायता मिली है — यह राशि पहले चरण और दूसरे चरण के बीच की अंतरिम अवधि में राज्य सरकार द्वारा किए गए अतिरिक्त खर्च की प्रतिपूर्ति के रूप में स्वीकृत हुई है।
इसके साथ ही 3,346 पुरानी योजनाओं के एकमुश्त निपटान (OTS) के लिए भी ₹537 करोड़ की मंजूरी मिली है, जिससे ‘हर घर जल’ प्रमाणीकरण की प्रक्रिया तेज हुई है। अब तक राज्य के 2,212 से अधिक गांव ‘हर घर जल’ प्रमाणित घोषित किए जा चुके हैं।
अभियान से होने वाले लाभ
| क्षेत्र | लाभ |
|---|---|
| पेयजल | गांवों में पीने के पानी की उपलब्धता में सुधार |
| सिंचाई | खेतों तक पानी पहुंचने से फसल उत्पादन में वृद्धि |
| भूजल स्तर | जल संचयन संरचनाओं से भूजल पुनर्भरण (Groundwater Recharge) |
| कृषि आय | सिंचित क्षेत्र बढ़ने से किसानों की आय में वृद्धि |
| रोजगार | निर्माण कार्यों से स्थानीय स्तर पर अस्थायी रोजगार |
| पर्यावरण | हरियाली बढ़ना, मिट्टी कटाव में कमी, जैव विविधता संरक्षण |
| प्रवासन में कमी | पानी की उपलब्धता से गांव से शहर पलायन में कमी |
योजना की वर्तमान स्थिति एवं नवीनतम अपडेट 2026
✦ MJSA 2.0 जिला स्तरीय समितियां: राज्यभर में जिला स्तरीय समितियों की बैठकें आयोजित हो रही हैं — कार्यों की समीक्षा और आगामी योजना पर चर्चा।
✦ 5,135 गांव, 349 पंचायत समितियां: प्रथम चरण में इतने गांवों में कार्य पूर्ण/प्रगति पर।
✦ ₹3,500 करोड़ का निवेश: प्रथम चरण में इतनी बड़ी राशि से 1.10 लाख से अधिक जल संरचना कार्य।
✦ जल जीवन मिशन 2.0 सहयोग: केंद्र से ₹537.70 करोड़ अतिरिक्त सहायता प्राप्त — कार्यों में तेजी।
✦ 2,212+ गांव ‘हर घर जल’ प्रमाणित: जिनमें से 705 प्रमाण पत्र पिछले 2 महीनों में ही जारी हुए।
✦ 35 जिलों में सुधार योजना: ‘हर घर जल’ प्रमाणीकरण प्रक्रिया को कड़ा और तेज किया गया है।
✦ भजनलाल शर्मा का विजन: मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अभियान को राज्य के जल संकट के स्थायी समाधान के रूप में देखा जा रहा है।
अन्य संबंधित राजस्थान योजनाएं
✦ मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना – कृषि दुर्घटना पर किसानों को सहायता
✦ मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना – सिंचाई हेतु बिजली बिल अनुदान
✦ राज किसान साथी पोर्टल एवं योजनाएं – सभी किसान योजनाओं की जानकारी
✦ मुख्यमंत्री कामधेनु/मंगला पशु बीमा योजना – पशुपालकों को पशु बीमा
✦ जन सूचना पोर्टल राजस्थान – सभी योजनाओं की जानकारी एक जगह
महत्वपूर्ण लिंक
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| जल संसाधन विभाग | water.rajasthan.gov.in |
| PHED (पेयजल विभाग) | phedwater.rajasthan.gov.in |
| ग्रामीण विकास विभाग | rdpr.rajasthan.gov.in |
| Jan Soochna Portal | jansoochna.rajasthan.gov.in |
| जल जीवन मिशन (केंद्र) | jaljeevanmission.gov.in |
| हेल्पलाइन (Sampark) | 181 |
| विभाग | जल संसाधन विभाग + पंचायती राज विभाग, राजस्थान |
FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1. मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान कब शुरू हुआ?
यह अभियान 27 जनवरी 2016 को झालावाड़ जिले के गर्दनखेड़ी गांव से शुरू हुआ था। बाद में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बजट 2024-25 में इसे नए रूप में ‘मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0’ के नाम से पुनः शुरू किया।
Q2. MJSA 2.0 का लक्ष्य क्या है?
MJSA 2.0 का लक्ष्य राज्यभर में 5 लाख जल संचयन संरचनाओं (Water Harvesting Structures) का निर्माण है। प्रथम चरण में 5,135 गांवों में ₹3,500 करोड़ की लागत से 1.10 लाख से अधिक कार्य किए जा रहे हैं।
Q3. क्या इस योजना में व्यक्तिगत आवेदन किया जा सकता है?
नहीं। यह कोई व्यक्तिगत लाभ वाली योजना नहीं है। कार्य ग्राम सभा द्वारा चयनित होते हैं और ग्राम पंचायत के माध्यम से करवाए जाते हैं। यदि आप चाहते हैं कि आपका गांव इसमें शामिल हो, तो अपनी ग्राम पंचायत/सरपंच से संपर्क करें।
Q4. अभियान की 4 मूल जल संकल्पनाएं क्या हैं?
संग्रहित जल का उपचार, मौजूदा जल संचयन संरचनाओं का उचित उपयोग, गैर-कार्यात्मक संरचनाओं का नवीनीकरण और नई जल संचयन संरचनाओं का निर्माण — ये चार मूल संकल्पनाएं हैं जिन पर यह अभियान आधारित है।
Q5. इस अभियान के तहत कौन-से कार्य किए जाते हैं?
तालाब, कुंड, बावड़ियों की मरम्मत, नई तकनीक से टांकों का निर्माण, मेड़बंदी, चेक डैम, एनिकट निर्माण, जल ग्रहण क्षेत्र उपचार और वृक्षारोपण जैसे कार्य इस अभियान के तहत कराए जाते हैं।
Q6. दक्षिण अफ्रीका ने इस अभियान को क्यों अपनाया?
मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान की सफलता इतनी उल्लेखनीय रही कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मॉडल के रूप में पहचाना गया। इसकी प्रभावशीलता के कारण दक्षिण अफ्रीका ने भी इस अभियान को अपने यहां शुरू किया।
Q7. MJSA 2.0 और जल जीवन मिशन में क्या संबंध है?
MJSA 2.0 राज्य स्तरीय अभियान है जबकि जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की योजना है। दोनों साथ मिलकर काम करते हैं। हाल ही में राजस्थान को जल जीवन मिशन 2.0 के तहत ₹537.70 करोड़ की केंद्रीय सहायता भी मिली है जो MJSA के कार्यों को तेज करने में मदद करेगी।
Q8. ‘हर घर जल’ प्रमाणीकरण क्या है?
यह एक प्रमाणीकरण प्रक्रिया है जो यह सुनिश्चित करती है कि गांव के हर घर में नल से जल पहुंच रहा है। अब तक राज्य के 2,212 से अधिक गांवों को ‘हर घर जल’ प्रमाणित घोषित किया जा चुका है।
Q9. क्या यह अभियान सभी गांवों में एक साथ लागू होगा?
नहीं। अभियान चरणबद्ध तरीके से चलता है। हर वर्ष चयनित ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य किए जाते हैं और धीरे-धीरे सभी जरूरतमंद गांवों को शामिल करने का लक्ष्य है।
Q10. गांव में जल संकट होने पर क्या करना चाहिए?
यदि आपके गांव में गंभीर जल संकट है, तो अपनी ग्राम पंचायत, सरपंच या स्थानीय जल संसाधन विभाग कार्यालय से संपर्क करें और ग्राम सभा की बैठक में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएं ताकि आपका गांव MJSA 2.0 के अगले चरण में शामिल हो सके।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान 2.0 राजस्थान के जल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में एक दूरदर्शी और प्रभावी पहल है। 2016 में झालावाड़ के एक गांव से शुरू हुआ यह अभियान आज 5 लाख जल संरचनाओं के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के साथ पूरे राजस्थान में फैल चुका है। और इसकी सफलता को अंतरराष्ट्रीय मान्यता भी मिल चुकी है।
यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि जब सरकार और समाज मिलकर काम करते हैं, तो सबसे कठिन चुनौतियों का भी समाधान संभव है। यदि आपके गांव में जल संकट है, तो अपनी ग्राम पंचायत से संपर्क करें और इस जन आंदोलन का हिस्सा बनें।
किसी भी जानकारी के लिए Sampark Helpline 181 पर संपर्क करें। RojgarPath.com पर राजस्थान सरकारी योजनाओं की नवीनतम जानकारी के लिए विजिट करते रहें।
