मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना 2026 – ₹2 लाख दुर्घटना सहायता, पात्रता, आवेदन व सम्पूर्ण जानकारी

मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना 2026

Table of Contents

परिचय – मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना क्या है?

खेत में काम करते हुए ट्रैक्टर पलट जाए, थ्रेशर में हाथ आ जाए, सांप काट ले या आकाशीय बिजली गिर जाए ऐसी दुर्घटनाओं में किसान और उसके परिवार के सामने जीवन का सबसे कठिन संकट खड़ा हो जाता है। राजस्थान सरकार ने इसी संकट में किसानों का साथ देने के लिए एक भरोसेमंद योजना बनाई है मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना

मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना के तहत राजस्थान के किसानों, खेतीहर मजदूरों और मंडी में काम करने वाले हम्माल-पल्लेदारों को कृषि कार्य के दौरान होने वाली दुर्घटना में मृत्यु या अंग-भंग की स्थिति में ₹5,000 से ₹2,00,000 तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि कृषि उपज मंडी समिति के माध्यम से लाभार्थी या उसके परिवार को प्रदान की जाती है।

इस योजना का पुराना नाम राजीव गांधी कृषक साथी सहायता योजना था। भजनलाल सरकार ने 2024 में इसका नाम बदलकर मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना किया साथ ही हड्डी टूटने और कोमा में जाने पर मिलने वाली राशि को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹2,00,000 कर दिया। योजना का संचालन राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड करता है।

यह राजस्थान सरकारी योजनाएं में किसानों और खेतिहर मजदूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण साधन है।

Key Highlights – एक नज़र में पूरी योजना

विवरण जानकारी
योजना का नाम मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना
पूर्व नाम राजीव गांधी कृषक साथी सहायता योजना
नाम परिवर्तन 2024 (भजनलाल सरकार द्वारा)
योजना आरंभ 30 अगस्त 1994 (कृषक साथी योजना के नाम से)
संचालक विभाग राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड
लाभार्थी किसान, खेतीहर मजदूर, मंडी हम्माल/पल्लेदार
न्यूनतम सहायता ₹5,000 (एक उंगली कटने पर)
अधिकतम सहायता ₹2,00,000 (मृत्यु / कोमा / हड्डी टूटने पर)
आयु सीमा 14 से 75 वर्ष
आवेदन माध्यम नजदीकी कृषि उपज मंडी समिति
आधिकारिक पोर्टल rsmssb.rajasthan.gov.in
हेल्पलाइन 0141-2227849

योजना का उद्देश्य

खेती भारत के किसानों की रोजी-रोटी है लेकिन यह काम उतना ही जोखिम भरा भी है। ट्रैक्टर चलाते समय पलट जाना, थ्रेशर में हाथ फंसना, मंडी में बोरियां उठाते हुए गिर जाना या आकाशीय बिजली का शिकार हो जाना ऐसी दुर्घटनाएं किसान परिवार को एक पल में तोड़ देती हैं। ऐसी दुर्घटना के बाद न केवल किसान की आय बंद हो जाती है, बल्कि इलाज का भारी बोझ भी सामने आता है।

मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना का उद्देश्य इसी संकट में किसानों को आर्थिक सहारा देना है। योजना के तीन मुख्य लक्ष्य हैं दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिवार को आर्थिक सहायता देना, अंग-भंग की स्थिति में इलाज और पुनर्वास में मदद करना, और किसानों को यह भरोसा दिलाना कि राज्य सरकार उनके साथ हर कठिनाई में खड़ी है।

योजना के लाभ एवं विशेषताएं

✦  किसान, खेतीहर मजदूर और मंडी हम्माल/पल्लेदार तीनों वर्गों को कवरेज।

✦  मृत्यु, कोमा या हड्डी टूटने पर ₹2,00,000 तक की सहायता।

✦  एक उंगली कटने पर ₹5,000 से लेकर अलग-अलग चोट के आधार पर राशि।

✦  भजनलाल सरकार ने कोमा/हड्डी टूटने पर राशि ₹50,000 से 4 गुना बढ़ाकर ₹2,00,000 की।

✦  14 से 75 वर्ष के सभी पात्र व्यक्ति कोई आय सीमा नहीं।

✦  सहायता राशि कृषि उपज मंडी समिति के माध्यम से स्वीकृत।

✦  राज्य के सभी जिलों की मंडी समितियों में योजना लागू।

✦  दुर्घटना के 6 माह के भीतर आवेदन करने पर लाभ।

✦  ट्रैक्टर, थ्रेशर, कुट्टी मशीन, सांप-काटना, बिजली गिरना  सभी कृषि दुर्घटनाएं कवर।

दुर्घटना अनुसार सहायता राशि

दुर्घटना का प्रकार सहायता राशि
मृत्यु होने पर ₹2,00,000
हड्डी टूटने पर (दो अंग क्षति के बराबर) ₹2,00,000
सिर में चोट से कोमा में जाने पर ₹2,00,000
दो अंग (हाथ/पैर/आंख) की क्षति होने पर ₹50,000
एक अंग (हाथ/पैर/आंख) की क्षति होने पर ₹25,000
चार उंगलियां कटने पर ₹20,000
तीन उंगलियां कटने पर ₹15,000
दो उंगलियां कटने पर ₹10,000
एक उंगली कटने पर ₹5,000

किन दुर्घटनाओं पर मिलती है सहायता?

इस योजना में कृषि कार्य और मंडी परिसर में होने वाली निम्न दुर्घटनाओं को शामिल किया गया है:

✦  ट्रैक्टर, हार्वेस्टर या अन्य कृषि यंत्र चलाते समय दुर्घटना।

✦  थ्रेशर, कुट्टी काटने की मशीन में हाथ/पैर फंसना।

✦  मशीन में बालों के फंसने से दुर्घटना।

✦  खेत पर काम करते समय सांप या जहरीले जानवर के काटने से मृत्यु या अंग-भंग।

✦  आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने से मृत्यु या अंग-भंग।

✦  मंडी में फसल बेचते समय या काम के दौरान दुर्घटना।

✦  रीढ़ की हड्डी टूटने पर (दो अंगों की क्षति के बराबर माना जाता है)।

✦  सिर में गंभीर चोट लगने से कोमा में जाने पर।

इन परिस्थितियों में सहायता नहीं मिलेगी:

✦  शराब या नशे की हालत में हुई दुर्घटना।

✦  आत्महत्या या आत्महत्या का प्रयास।

✦  प्राकृतिक मृत्यु (बीमारी से)।

✦  युद्ध, दंगे या विदेश में हुई दुर्घटना।

✦  विद्युत चोरी के दौरान हुई दुर्घटना।

पात्रता (Eligibility Criteria)

शर्त विवरण
निवास राजस्थान का मूल निवासी
आयु 14 से 75 वर्ष (दुर्घटना के समय)
व्यवसाय किसान / खेतीहर मजदूर / मंडी हम्माल / पल्लेदार
दुर्घटना स्थान कृषि कार्य क्षेत्र या मंडी परिसर
आवेदन समय दुर्घटना के 6 माह के भीतर
आय सीमा कोई विशेष आय सीमा नहीं
मंडी पंजीकरण मंडी हम्माल/पल्लेदार के लिए लाइसेंस होना अनिवार्य

आवश्यक दस्तावेज

मृत्यु की दशा में:

✦  मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate)

✦  पोस्टमार्टम रिपोर्ट (यदि लागू हो)

✦  FIR / पुलिस रिपोर्ट की प्रति (दुर्घटना के मामले में)

✦  आधार कार्ड (मृतक एवं आवेदक का)

✦  जन आधार कार्ड

✦  बैंक पासबुक (आधार से लिंक)

✦  वारिस / उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र

✦  मूल निवास प्रमाण पत्र

✦  भूमि रिकॉर्ड (खसरा/जमाबंदी) किसान हेतु

✦  मंडी लाइसेंस प्रति हम्माल/पल्लेदार हेतु

घायल / अंग-भंग की दशा में:

✦  सरकारी / गैर-सरकारी चिकित्सा अधिकारी का प्रमाण पत्र

✦  अस्पताल इलाज के कागजात

✦  आधार कार्ड और जन आधार कार्ड

✦  बैंक पासबुक (आधार सीडेड)

✦  मूल निवास प्रमाण पत्र

✦  भूमि रिकॉर्ड / मंडी लाइसेंस

आवेदन प्रक्रिया – Step by Step

इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए दुर्घटना के 6 माह के भीतर आवेदन करना अनिवार्य है। आवेदन की प्रक्रिया निम्नानुसार है:

Step 1 – नजदीकी कृषि उपज मंडी समिति में जाएं

दुर्घटना के बाद परिवार का कोई सदस्य अपने क्षेत्र की नजदीकी कृषि उपज मंडी समिति कार्यालय में जाए।

Step 2 – आवेदन फॉर्म प्राप्त करें

मंडी समिति कार्यालय से ‘मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना आवेदन पत्र’ निःशुल्क प्राप्त करें। यह फॉर्म rsmssb.rajasthan.gov.in से भी डाउनलोड किया जा सकता है।

Step 3 – फॉर्म भरें

आवेदन फॉर्म में दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति का पूरा विवरण, दुर्घटना की तिथि, स्थान, प्रकार और अन्य जानकारी सावधानीपूर्वक भरें।

Step 4 – दस्तावेज संलग्न करें

दुर्घटना के प्रकार (मृत्यु/अंग-भंग) के अनुसार सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें।

Step 5 – मंडी समिति में जमा करें

पूरा फॉर्म और दस्तावेज मंडी सचिव के पास जमा करें। रसीद अवश्य लें।

Step 6 – सत्यापन और स्वीकृति

मंडी समिति द्वारा दुर्घटना का सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन के बाद सहायता राशि स्वीकृत होती है और लाभार्थी के बैंक खाते में DBT से ट्रांसफर की जाती है।

महत्वपूर्ण: यदि दुर्घटना के 6 माह के भीतर आवेदन नहीं किया गया तो लाभ नहीं मिलेगा।

योजना की वर्तमान स्थिति एवं नवीनतम अपडेट 2026

✦  नाम परिवर्तन 2024: ‘राजीव गांधी कृषक साथी सहायता योजना‘ का नाम बदलकर ‘मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना‘ किया गया।

✦  4 गुना राशि वृद्धि: हड्डी टूटने और कोमा में जाने पर राशि ₹50,000 से बढ़ाकर ₹2,00,000 की गई भजनलाल सरकार का बड़ा फैसला।

✦  ₹2,00,000 मृत्यु सहायता: दुर्घटना में मृत्यु होने पर ₹2,00,000 की सहायता अपरिवर्तित।

✦  राज्यभर में लागू: सभी जिलों की कृषि उपज मंडी समितियों के माध्यम से योजना क्रियान्वित।

✦  DBT भुगतान: सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में  कोई बिचौलिया नहीं।

✦  6 माह आवेदन सीमा: दुर्घटना के 6 माह के भीतर आवेदन करना अनिवार्य।

✦  14–75 आयु सीमा: कम उम्र के किशोर से लेकर 75 वर्ष तक के वरिष्ठ किसान सभी को कवरेज।

अन्य संबंधित किसान योजनाएं

✦  मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना – बिजली बिल पर ₹12,000 वार्षिक अनुदान

✦  मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना – परिवार को ₹25 लाख स्वास्थ्य बीमा

✦  सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना – वृद्ध किसान को ₹1,450–₹1,500 मासिक पेंशन

✦  राज किसान साथी पोर्टल – सभी किसान योजनाओं की जानकारी एक जगह

✦  PM Kisan Samman Nidhi – ₹6,000 वार्षिक केंद्र सरकार से

महत्वपूर्ण लिंक

विवरण जानकारी
आधिकारिक वेबसाइट rsmssb.rajasthan.gov.in
राज किसान पोर्टल rajkisan.rajasthan.gov.in
Jan Soochna Portal jansoochna.rajasthan.gov.in
SSO Portal sso.rajasthan.gov.in
हेल्पलाइन 0141-2227849
विभाग राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड

FAQs अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q1. मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना क्या है?

यह राजस्थान सरकार की एक दुर्घटना सहायता योजना है जिसके तहत किसानों, खेतीहर मजदूरों और मंडी हम्माल-पल्लेदारों को कृषि कार्य के दौरान दुर्घटना में मृत्यु या अंग-भंग होने पर ₹5,000 से ₹2,00,000 तक की आर्थिक सहायता दी जाती है।

Q2. इस योजना का पुराना नाम क्या था?

पहले यह राजीव गांधी कृषक साथी सहायता योजना के नाम से जानी जाती थी। 30 अगस्त 1994 को इसकी शुरुआत कृषक साथी योजना के नाम से हुई थी। भजनलाल सरकार ने 2024 में नाम बदलकर मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना किया।

Q3. भजनलाल सरकार ने योजना में क्या बदलाव किए?

भजनलाल सरकार ने 2024 में योजना का नाम बदला और हड्डी टूटने तथा सिर में चोट से कोमा में जाने पर मिलने वाली राशि ₹50,000 से 4 गुना बढ़ाकर ₹2,00,000 कर दी। इससे किसानों को बड़ी राहत मिली है।

Q4. मृत्यु होने पर कितनी सहायता मिलती है?

दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिवार को ₹2,00,000 की सहायता राशि मिलती है। यह राशि कृषि उपज मंडी समिति द्वारा स्वीकृत होकर DBT के माध्यम से बैंक खाते में जमा होती है।

Q5. आवेदन कहाँ और कब करना होता है?

दुर्घटना के 6 माह के भीतर नजदीकी कृषि उपज मंडी समिति कार्यालय में आवेदन करना होता है। 6 माह की समय-सीमा के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

Q6. क्या खेत मजदूर भी पात्र हैं?

हाँ। केवल जमीन के मालिक किसान ही नहीं, बल्कि खेत में काम करने वाले मजदूर, मंडी में काम करने वाले लाइसेंसधारी हम्माल और पल्लेदार भी इस योजना के पात्र हैं बशर्ते दुर्घटना कृषि कार्य या मंडी परिसर में हुई हो।

Q7. क्या सांप काटने पर भी लाभ मिलता है?

हाँ। खेत पर काम करते समय सांप या किसी जहरीले जानवर के काटने से मृत्यु या अंग-भंग होने पर इस योजना के तहत सहायता मिलती है।

Q8. एक उंगली कटने पर कितनी राशि मिलती है?

एक उंगली कटने पर ₹5,000 की सहायता मिलती है। दो उंगलियां कटने पर ₹10,000, तीन पर ₹15,000 और चार उंगलियां कटने पर ₹20,000 की सहायता दी जाती है।

Q9. आकाशीय बिजली गिरने से दुर्घटना होने पर लाभ मिलेगा?

हाँ। आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने से मृत्यु या अंग-भंग होने पर भी इस योजना का लाभ मिलता है। यह कृषि कार्य के दौरान होने वाली एक प्रमुख दुर्घटना श्रेणी है।

Q10. सहायता राशि कैसे मिलती है?

मंडी समिति द्वारा दुर्घटना का सत्यापन और राशि स्वीकृति के बाद DBT के माध्यम से सहायता राशि सीधे लाभार्थी या उसके वारिस के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना 2026 राजस्थान के किसानों और खेतीहर मजदूरों के लिए कृषि दुर्घटनाओं में एक अत्यंत महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा कवच है। ₹5,000 से ₹2,00,000 तक की सहायता और भजनलाल सरकार द्वारा कोमा/हड्डी टूटने पर राशि में 4 गुना वृद्धि यह योजना किसान परिवारों के लिए संकट के समय एक भरोसेमंद सहारा बनती है।

यदि आपके परिवार में किसी किसान या खेत मजदूर के साथ कोई दुर्घटना हुई है, तो 6 माह के भीतर नजदीकी कृषि उपज मंडी समिति कार्यालय में अवश्य आवेदन करें।

किसी भी जानकारी के लिए हेल्पलाइन 0141-2227849 पर संपर्क करें और केवल आधिकारिक पोर्टल rsmssb.rajasthan.gov.in का उपयोग करें। राजस्थान सरकारी योजनाओं की नवीनतम जानकारी के लिए RojgarPath.com पर विजिट करते रहें।

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