विशेष योग्यजन विवाह प्रोत्साहन योजना 2026 (सुखद दाम्पत्य जीवन योजना) – ₹5 लाख तक अनुदान व सम्पूर्ण जानकारी

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परिचय – सुखद दाम्पत्य जीवन योजना क्या है?

दिव्यांगता किसी के प्रेम, विवाह और पारिवारिक जीवन के अधिकार को कम नहीं करती लेकिन समाज में अक्सर दिव्यांग युवक-युवतियों के विवाह को लेकर कई तरह की सामाजिक बाधाएं और आर्थिक चुनौतियां आती हैं। इसी सोच को बदलने और दिव्यांगजनों को एक सम्मानजनक वैवाहिक जीवन देने के लिए राजस्थान सरकार ने विशेष योग्यजन विवाह प्रोत्साहन योजना शुरू की, जो वर्तमान में सुखद दाम्पत्य जीवन योजना के नाम से जानी जाती है।

विशेष योग्यजनों का सुखी एवं संपन्न जीवन सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार विशेष योग्यजन निदेशालय द्वारा यह योजना सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है। योजना का उद्देश्य दिव्यांगजन को आर्थिक और सामाजिक रूप से मुख्यधारा में लाने के साथ-साथ उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाना है।

इस योजना के तहत ऐसे युवक-युवती जिसमें दोनों दिव्यांग हों या दोनों में से एक दिव्यांग हो, उन्हें सुखद दाम्पत्य जीवन योजना से लाभान्वित किया जाता है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से 40% या उससे अधिक दिव्यांगता वाले जोड़ों को उनके सुखद दाम्पत्य जीवन के लिए आर्थिक सहायता के रूप में अधिकतम ₹5 लाख तक का अनुदान दिया जाता है।

यह राजस्थान सरकारी योजनाएं में दिव्यांगजनों के पारिवारिक और सामाजिक सशक्तिकरण की सबसे संवेदनशील पहलों में से एक है जो सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि एक सम्मानजनक जीवन की शुरुआत का द्वार खोलती है।

Key Highlights – एक नज़र में पूरी योजना

विवरण जानकारी
योजना का नाम सुखद दाम्पत्य जीवन योजना (पूर्व विशेष योग्यजन विवाह प्रोत्साहन योजना)
संचालक निकाय विशेष योग्यजन निदेशालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग
वर्तमान नेतृत्व मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार संचालित
दिव्यांगता प्रतिशत 40% या उससे अधिक (कम से कम एक पक्ष)
अधिकतम अनुदान राशि ₹5,00,000 (दोनों दिव्यांग होने पर)
एक पक्ष दिव्यांग होने पर कम राशि (श्रेणी अनुसार निर्धारित)
उद्देश्य दिव्यांगजनों को आर्थिक-सामाजिक मुख्यधारा में लाना
नोडल विभाग सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान
आवेदन माध्यम SJE कार्यालय / SSO Portal
भुगतान माध्यम DBT / राष्ट्रीयकृत बैंक FD सहित
हेल्पलाइन 181 (Sampark)

योजना का उद्देश्य

समाज में यह धारणा बदलना जरूरी है कि दिव्यांग व्यक्ति विवाह और पारिवारिक जीवन के लिए कमतर हैं। कई बार दिव्यांग युवक-युवतियों के परिवार आर्थिक तंगी के कारण उनका विवाह करने से हिचकिचाते हैं, या समाज में दिव्यांग-दिव्यांग विवाह को प्रोत्साहन नहीं मिलता।

सुखद दाम्पत्य जीवन योजना का उद्देश्य है दिव्यांगजनों के विवाह को आर्थिक सहायता देकर प्रोत्साहित करना, उन्हें सामाजिक स्वीकृति दिलाना, नवविवाहित दिव्यांग दंपत्ति को जीवन की नई शुरुआत के लिए एक मजबूत आर्थिक आधार देना, और अंततः दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा में सम्मान के साथ शामिल करना।

अनुदान राशि – श्रेणी अनुसार विवरण

दिव्यांगता की स्थिति अनुदान राशि (अनुमानित)
दोनों वर-वधू दिव्यांग (40%+) ₹5,00,000 (अधिकतम)
केवल वधू दिव्यांग (वर सामान्य) कम राशि — श्रेणी अनुसार निर्धारित
केवल वर दिव्यांग (वधू सामान्य) कम राशि — श्रेणी अनुसार निर्धारित

नोट: कई राज्यों में इसी प्रकार की योजनाओं में यह देखा गया है कि जब दोनों पक्ष दिव्यांग होते हैं तो अनुदान राशि सबसे अधिक होती है, जबकि केवल एक पक्ष दिव्यांग होने पर राशि अपेक्षाकृत कम रहती है। राजस्थान में सटीक श्रेणीवार राशि के लिए नजदीकी SJE कार्यालय से पुष्टि करना उचित रहेगा, क्योंकि योजना में समय-समय पर संशोधन होते रहते हैं।

योजना के लाभ एवं विशेषताएं

✦  दोनों दिव्यांग विवाह करने वाले जोड़े को अधिकतम ₹5 लाख तक का बड़ा अनुदान।
✦  एक दिव्यांग और एक सामान्य व्यक्ति के विवाह पर भी प्रोत्साहन राशि — सामाजिक समावेशन को बढ़ावा।
✦  विशेष योग्यजन निदेशालय द्वारा सीधी निगरानी — पारदर्शी क्रियान्वयन।
✦  दिव्यांग दंपत्ति को जीवन की नई शुरुआत के लिए ठोस आर्थिक आधार।
✦  समाज में दिव्यांगजनों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा।
✦  भजनलाल सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं में शामिल — निरंतर बजटीय सहयोग।

पात्रता (Eligibility Criteria)

शर्त विवरण
दिव्यांगता प्रतिशत कम से कम एक पक्ष (वर या वधू) 40% या अधिक दिव्यांगता
निवास दोनों पक्षों में से कम से कम एक राजस्थान का मूल निवासी
विवाह वैधता कानूनी रूप से मान्य विवाह (विवाह प्रमाण पत्र सहित)
आयु विवाह हेतु कानूनी न्यूनतम आयु (वर 21 वर्ष, वधू 18 वर्ष) पूर्ण
आवेदन समय-सीमा विवाह के निर्धारित समय (सामान्यतः 1 वर्ष) के भीतर आवेदन
पूर्व लाभ किसी अन्य समान योजना (स्थानीय निकाय आदि) से दोहरा लाभ नहीं

महत्वपूर्ण: यदि राज्य की स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के माध्यम से भी इसी प्रकार की विवाह योजना का लाभ उपलब्ध हो, तो लाभार्थी को किसी एक योजना का ही चयन करना होगा दोहरा लाभ नहीं मिलेगा।

आवश्यक दस्तावेज

✦  आधार कार्ड (वर व वधू दोनों का)
✦  जन आधार कार्ड
✦  विकलांगता प्रमाण पत्र (40% या अधिक सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी)
✦  विवाह प्रमाण पत्र (Marriage Certificate)
✦  मूल निवास प्रमाण पत्र
✦  आयु प्रमाण पत्र (जन्म प्रमाण पत्र/10वीं अंकतालिका)
✦  बैंक पासबुक (संयुक्त या दंपत्ति के नाम)
✦  विवाह की फोटो / निमंत्रण पत्र
✦  पासपोर्ट साइज़ फोटो (दोनों की)

आवेदन प्रक्रिया – Step by Step

Step 1: विवाह होने के बाद निर्धारित समय-सीमा के भीतर नजदीकी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (SJE) कार्यालय या विशेष योग्यजन निदेशालय में संपर्क करें।
Step 2: ‘सुखद दाम्पत्य जीवन योजना’ का आवेदन फॉर्म प्राप्त करें, यह sso.rajasthan.gov.in पर भी उपलब्ध हो सकता है।
Step 3: वर-वधू दोनों की व्यक्तिगत जानकारी, विवाह विवरण और दिव्यांगता प्रतिशत भरें।
Step 4: विकलांगता प्रमाण पत्र, विवाह प्रमाण पत्र सहित सभी दस्तावेज संलग्न/अपलोड करें।
Step 5: आवेदन विभागीय अधिकारी द्वारा सत्यापित किया जाता है, दिव्यांगता की पुष्टि और विवाह की वैधता दोनों की जांच होती है।
Step 6: स्वीकृति मिलने के बाद अनुदान राशि DBT के माध्यम से दंपत्ति के बैंक खाते में जमा होती है।

अनुदान राशि में सुरक्षा प्रावधान (अन्य राज्यों के अनुभव के आधार पर)

देश के कई राज्यों में इसी प्रकार की दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजनाओं में स्वीकृत अनुदान राशि की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण प्रावधान अपनाया गया है जिसे राजस्थान में भी समझना उपयोगी होगा। सामान्यतः स्वीकृत अनुदान की कुल राशि का 25% हिस्सा दंपत्ति द्वारा किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में 3 वर्ष की अवधि के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के रूप में रखा जाना आवश्यक होता है जिससे यह सुनिश्चित होता है कि सहायता राशि का दीर्घकालिक और स्थायी उपयोग हो, न कि तुरंत खर्च हो जाए।

संबंधित दिव्यांग कल्याण योजनाएं

सुखद दाम्पत्य जीवन योजना के अलावा राजस्थान सरकार दिव्यांगजनों के लिए कई अन्य कल्याणकारी योजनाएं भी चलाती है:

योजना लाभ
मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन स्वरोजगार योजना ₹5 लाख तक ऋण + 50% अनुदान व्यवसाय शुरू करने हेतु
मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन सम्मान पेंशन योजना ₹1,450-₹1,500 मासिक पेंशन
कृत्रिम अंग/उपकरण सहायता योजना शारीरिक कमी पूरी करने हेतु ₹10,000 तक सहायता (गैर-आयकरदाता परिवार)
कालीबाई भील स्कूटी योजना (दिव्यांग कोटा) 2,500 दिव्यांग छात्राओं को निःशुल्क स्कूटी

योजना की वर्तमान स्थिति एवं नवीनतम अपडेट 2026

✦  नाम व स्वरूप: वर्तमान में यह योजना ‘सुखद दाम्पत्य जीवन योजना’ के नाम से सफलतापूर्वक संचालित हो रही है भजनलाल सरकार की प्राथमिकता योजनाओं में शामिल।
✦  ₹5 लाख तक अनुदान: दोनों दिव्यांग होने की स्थिति में अधिकतम ₹5 लाख तक अनुदान का प्रावधान।
✦  विशेष योग्यजन निदेशालय सक्रिय: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की उप निदेशक स्तर की टीम द्वारा योजना की सीधी निगरानी।
✦  सामाजिक जागरूकता अभियान: दिव्यांगजनों को इस योजना की जानकारी देने के लिए जिला स्तर पर विशेष शिविर आयोजित।
✦  दोहरे लाभ पर रोक: यदि स्थानीय निकाय से भी समान योजना का लाभ मिलता हो, तो केवल एक योजना का चयन करना अनिवार्य।
✦  बैंक FD प्रावधान: दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा हेतु अनुदान राशि के एक हिस्से को FD में रखने जैसे प्रावधान (राज्य के दिशा-निर्देश अनुसार लागू)।

अन्य संबंधित राजस्थान योजनाएं

✦  मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन स्वरोजगार योजना – दिव्यांगजनों को ₹5 लाख तक ऋण + 50% अनुदान
✦  मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन सम्मान पेंशन योजना – दिव्यांगजनों को मासिक पेंशन
✦  मुख्यमंत्री कन्यादान योजना – सामान्य बेटियों के विवाह पर ₹21,000-₹51,000 सहायता
✦  कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना – दिव्यांग छात्राओं के लिए विशेष कोटा
✦  मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना – दिव्यांग दंपत्ति परिवार को ₹25 लाख स्वास्थ्य बीमा

महत्वपूर्ण लिंक

विवरण जानकारी
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (SJE) sje.rajasthan.gov.in
विशेष योग्यजन निदेशालय sje.rajasthan.gov.in (Directorate Section)
SSO Portal sso.rajasthan.gov.in
Jan Soochna Portal jansoochna.rajasthan.gov.in
हेल्पलाइन (Sampark) 181
विभाग सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान

FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q1. सुखद दाम्पत्य जीवन योजना क्या है?

यह राजस्थान सरकार की एक योजना है जिसके तहत ऐसे युवक-युवती जिसमें दोनों दिव्यांग हों या दोनों में से एक दिव्यांग हो, उन्हें विवाह पर आर्थिक सहायता (अनुदान) दी जाती है। इसे पूर्व में विशेष योग्यजन विवाह प्रोत्साहन योजना कहा जाता था। यह विशेष योग्यजन निदेशालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित है।

Q2. इस योजना में अधिकतम कितनी सहायता मिलती है?

जब दोनों वर-वधू 40% या उससे अधिक दिव्यांगता वाले हों, तो अधिकतम ₹5 लाख तक का अनुदान मिलता है। केवल एक पक्ष दिव्यांग होने पर राशि इससे कम होती है।

Q3. कौन आवेदन कर सकता है?

वे दंपत्ति जिनमें कम से कम एक पक्ष (वर या वधू) की दिव्यांगता 40% या अधिक हो और उनका विवाह कानूनी रूप से वैध हो, वे इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।

Q4. आवेदन कहाँ करें?

नजदीकी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (SJE) कार्यालय या विशेष योग्यजन निदेशालय में आवेदन करें। कुछ मामलों में sso.rajasthan.gov.in पर भी ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध हो सकती है।

Q5. दिव्यांगता प्रमाण पत्र कहाँ से बनवाएं?

नजदीकी सरकारी अस्पताल या मेडिकल बोर्ड से सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित विकलांगता प्रमाण पत्र (40% या अधिक) बनवाना अनिवार्य है यह आवेदन के लिए मुख्य दस्तावेज है।

Q6. क्या इस योजना का लाभ किसी अन्य विवाह योजना के साथ मिल सकता है?

नहीं। यदि राज्य की स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के माध्यम से भी इसी प्रकार की विवाह योजना का लाभ उपलब्ध हो, तो लाभार्थी को किसी एक योजना का ही चयन करना होगा दोहरी सहायता नहीं मिलेगी।

Q7. क्या केवल दिव्यांग-दिव्यांग विवाह पर ही लाभ मिलता है?

नहीं। योजना में दोनों दिव्यांग होने पर सबसे अधिक अनुदान मिलता है, लेकिन एक दिव्यांग और एक सामान्य व्यक्ति के विवाह पर भी प्रोत्साहन राशि दी जाती है हालांकि यह राशि तुलनात्मक रूप से कम होती है।

Q8. अनुदान राशि सीधे मिल जाती है या कोई शर्त है?

कुछ राज्यों की समान योजनाओं में अनुदान राशि के एक हिस्से (जैसे 25%) को 3 वर्ष के लिए राष्ट्रीयकृत बैंक FD में रखने का प्रावधान होता है। राजस्थान में सटीक शर्तों की पुष्टि के लिए नजदीकी SJE कार्यालय से संपर्क करना उचित रहेगा।

Q9. आवेदन के लिए कोई समय-सीमा है?

हाँ। सामान्यतः विवाह होने के एक निश्चित समय (आमतौर पर 1 वर्ष) के भीतर आवेदन करना आवश्यक होता है सटीक समय-सीमा के लिए विभागीय दिशा-निर्देश देखें।

Q10. योजना किसके नेतृत्व में संचालित है?

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार विशेष योग्यजन निदेशालय द्वारा यह योजना सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है, ताकि दिव्यांगजनों को आर्थिक और सामाजिक रूप से मुख्यधारा में लाया जा सके।

निष्कर्ष

सुखद दाम्पत्य जीवन योजना 2026 (विशेष योग्यजन विवाह प्रोत्साहन योजना) राजस्थान सरकार की एक ऐसी संवेदनशील पहल है जो दिव्यांगजनों को यह विश्वास दिलाती है कि उनका विवाह और पारिवारिक जीवन भी उतना ही सम्मानजनक और सुरक्षित हो सकता है, जितना किसी और का। ₹5 लाख तक का अनुदान न केवल आर्थिक सहायता है, बल्कि समाज में दिव्यांगजनों की स्वीकृति और सम्मान का प्रतीक भी है।

यदि आप या आपके परिवार में कोई दिव्यांग युवक-युवती विवाह के बंधन में बंधने वाले हैं, तो सुखद दाम्पत्य जीवन योजना की पूरी जानकारी और सहायता के लिए नजदीकी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग कार्यालय से अवश्य संपर्क करें।

किसी भी जानकारी के लिए Sampark Helpline 181 पर संपर्क करें। RojgarPath.com पर राजस्थान सरकारी योजनाओं की नवीनतम जानकारी के लिए विजिट करते रहें।

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