सहरिया एवं विशेष पिछड़ी जनजाति कल्याण योजना राजस्थान 2026 – PM-JANMAN व सम्पूर्ण जानकारी

सहरिया एवं विशेष पिछड़ी जनजाति कल्याण योजना राजस्थान 2026

Table of Contents

परिचय – सहरिया जनजाति कल्याण योजना क्या है?

राजस्थान के बारां जिले में, विशेष रूप से किशनगंज और शाहबाद तहसीलों में, एक ऐसा आदिवासी समुदाय बसता है जो देश की सबसे संवेदनशील जनजातीय श्रेणी विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (Particularly Vulnerable Tribal Group – PVTG) में आता है। यह है सहरिया जनजाति, जो राजस्थान की 12 अधिसूचित जनजातियों में से एक है और भीलों की उप-शाखा तथा कोलारियन परिवार से संबंधित मानी जाती है।

सहरिया समुदाय पारंपरिक रूप से शिकार, मछली पकड़ने, जड़ी-बूटियों के ज्ञान और शहद एकत्र करने में निपुण रहा है, लेकिन आधुनिक शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक अवसरों से यह समुदाय अभी भी काफी पीछे है। इसी अंतर को पाटने के लिए राजस्थान सरकार और केंद्र सरकार दोनों मिलकर सहरिया जनजाति के लिए कई विशेष कल्याणकारी योजनाएं चला रही हैं।

इनमें सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी है प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN), जिसका शुभारंभ 15 नवंबर 2023 को हुआ था। इस राष्ट्रीय योजना का कुल परिव्यय तीन वर्षों में ₹24,104 करोड़ रुपए है, जिसमें से लगभग 80% राशि केवल घरों और सड़कों के निर्माण पर खर्च की जानी है। इसके साथ ही राजस्थान सरकार अपने स्तर पर सहरिया छात्र-छात्राओं के लिए विशेष छात्रवृत्ति योजनाएं भी चला रही है, जो केवल इसी समुदाय के लिए समर्पित हैं।

यह राजस्थान सरकारी योजनाएं में सबसे लक्षित (Targeted) और संवेदनशील पहलों में से एक है जो देश के सबसे वंचित आदिवासी समुदायों में से एक तक विकास की रोशनी पहुंचाने का काम करती है।

Key Highlights – एक नज़र में सभी योजनाएं

विवरण जानकारी
जनजाति का नाम सहरिया (Sahariya)
वर्गीकरण विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG)
राजस्थान में मुख्य क्षेत्र बारां जिला किशनगंज व शाहबाद तहसील
मुख्य राष्ट्रीय योजना प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN)
PM-JANMAN शुभारंभ 15 नवंबर 2023
PM-JANMAN कुल परिव्यय (3 वर्ष) ₹24,104 करोड़
आवास व सड़क पर व्यय कुल परिव्यय का लगभग 80%
राज्य विशेष छात्रवृत्ति केवल सहरिया छात्र-छात्राओं के लिए 2 समर्पित योजनाएं
नोडल विभाग (राज्य) जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग (TAD)
नोडल मंत्रालय (केंद्र) जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार
हेल्पलाइन 181 (Sampark)

सहरिया जनजाति की पृष्ठभूमि

सहरिया जनजाति राजस्थान की 12 अधिसूचित जनजातियों में से एक है और इसे PVTG (Particularly Vulnerable Tribal Group) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। सहरिया को कोलारियन परिवार और भीलों की उप-शाखा माना जाता है। राजस्थान में बारां जिला, विशेष रूप से किशनगंज और शाहबाद तहसीलें, सहरिया जनजाति की मुख्य आबादी को आश्रय देती हैं। इसके अतिरिक्त, मध्य प्रदेश के मुरैना, शिवपुरी, भिंड, ग्वालियर, दतिया, विदिशा और गुना जिलों में भी सहरिया जनजाति निवास करती है।

सहरिया समुदाय को शिकार और मछली पकड़ने का विशेष शौक होता है और यह समुदाय जड़ी-बूटियों के ज्ञान के साथ-साथ मधुमक्खियों के छत्तों से शहद एकत्र करने में भी निपुण होता है यह उनका पारंपरिक जीवनयापन का तरीका रहा है।

PM-JANMAN योजना – सहरिया समुदाय के लिए राष्ट्रीय पहल

प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) देश के सभी PVTG समुदायों जिसमें राजस्थान की सहरिया जनजाति भी शामिल है के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है।

क्षेत्र लाभ
सुरक्षित आवास PM-आवास योजना के तहत पक्के घर
स्वच्छ पेयजल पेयजल कनेक्टिविटी तक बेहतर पहुंच
स्वास्थ्य देखभाल बेहतर चिकित्सा सुविधाएं व स्वास्थ्य केंद्र
शिक्षा एवं पोषण शैक्षणिक संस्थान व पोषण कार्यक्रम
सड़क एवं दूरसंचार कनेक्टिविटी में सुधार
स्थायी आजीविका वन धन विकास केंद्रों की स्थापना वन उपज व्यापार हेतु
ऑफ-ग्रिड सौर ऊर्जा 1 लाख घरों के लिए सौर ऊर्जा प्रणाली व स्ट्रीट लाइट

महत्वपूर्ण: वर्ष 2022 में सामाजिक न्याय और अधिकारिता पर संसदीय स्थायी समिति को प्रस्तुत जनसंख्या डेटा 2011 की जनगणना पर आधारित था, जिसमें महाराष्ट्र, मणिपुर एवं राजस्थान की PVTG जनसंख्या शामिल नहीं थी यह डेटा की कमी सहरिया समुदाय की सटीक जरूरतों के मूल्यांकन में एक चुनौती बनी हुई है।

सहरिया जनजाति के छात्र-छात्राओं के लिए राज्य की विशेष योजनाएं

राजस्थान सरकार द्वारा बारां जिले की सहरिया जनजाति के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा हेतु प्रेरित कर उनके उत्थान हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है यह दो विशेष योजनाओं के माध्यम से होता है जो केवल सहरिया जनजाति के छात्र-छात्राओं को समर्पित हैं।

योजना लाभार्थी वर्ग
सहरिया जनजाति छात्रा प्रोत्साहन योजना (11वीं-12वीं) राजकीय विद्यालय में नियमित अध्ययनरत छात्राएं
सहरिया जनजाति B.Ed. छात्र-छात्रा प्रोत्साहन योजना राजकीय/गैर-राजकीय B.Ed. संस्थान में नियमित प्रशिक्षणार्थी

सहरिया छात्रा प्रोत्साहन योजना – पात्रता विवरण

शर्त विवरण
जनजाति आवेदक बारां जिले की सहरिया जनजाति से संबंधित होना चाहिए
शिक्षा स्तर (योजना 1) केवल छात्राएं जो राजकीय विद्यालय में कक्षा 11वीं एवं 12वीं में नियमित अध्ययनरत हों
शिक्षा स्तर (योजना 2) छात्र-छात्राएं जो राजकीय/गैर-राजकीय B.Ed. प्रशिक्षण संस्थान में नियमित प्रशिक्षणार्थी हों
अभिभावक माता/पिता/अभिभावक अथवा संरक्षक बारां जिले के निवासी हों
निवास बारां जिले का निवासी होना अनिवार्य

अन्य संबंधित सामाजिक न्याय छात्रवृत्तियां

सहरिया समुदाय सहित सभी अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्र-छात्राओं के लिए राजस्थान में अन्य व्यापक छात्रवृत्ति योजनाएं भी उपलब्ध हैं:

✦  अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं हेतु विशेष पूर्व मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना कक्षा 9-10 के लिए।
✦  अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राओं हेतु विशेष पूर्व मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना अतिरिक्त सहायता।
✦  उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना (SJE/TAD) ST छात्रों को 11वीं से PG तक ₹15,000 तक सहायता।
✦  कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना ST सहित सभी वर्गों की छात्राओं को ₹70,000।

विशेष पिछड़ी जनजातियों की प्राथमिकता नीति

राज्य और केंद्र सरकार विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVTG) के सामाजिक और आर्थिक विकास को लेकर विशेष गंभीरता से कार्य कर रही है। शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से अधिकारियों को विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों तक प्राथमिकता के साथ सुविधाएं पहुंचाने के निर्देश दिए जाते हैं। सरकार का लक्ष्य इन समुदायों के जीवन स्तर में सुधार लाकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है।

सहरिया जनजाति की मुख्य चुनौतियां

चुनौती सरकारी समाधान
शिक्षा में पिछड़ापन विशेष छात्रवृत्ति योजनाएं व मुफ्त शिक्षा सुविधाएं
कच्चे/असुरक्षित मकान PM-JANMAN के तहत PM आवास योजना से पक्के घर
पेयजल की कमी स्वच्छ पेयजल कनेक्टिविटी योजना
स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव बेहतर स्वास्थ्य केंद्र व चिकित्सा पहुंच
सड़क संपर्क की कमी सड़क एवं दूरसंचार कनेक्टिविटी विकास
आजीविका के सीमित साधन वन धन विकास केंद्र वन उपज व्यापार को बढ़ावा
बिजली की अनुपलब्धता 1 लाख घरों को ऑफ-ग्रिड सौर ऊर्जा प्रणाली

आवश्यक दस्तावेज

✦  जाति प्रमाण पत्र (सहरिया जनजाति सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी)
✦  आधार कार्ड
✦  जन आधार कार्ड
✦  मूल निवास प्रमाण पत्र (बारां जिला)
✦  विद्यालय/B.Ed. संस्थान नामांकन प्रमाण पत्र
✦  अभिभावक/संरक्षक का निवास प्रमाण
✦  बैंक पासबुक (आधार सीडेड)
✦  पासपोर्ट साइज़ फोटो

आवेदन प्रक्रिया – Step by Step

छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए:

Step 1: sso.rajasthan.gov.in पर Login करें या नजदीकी जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग (TAD) कार्यालय में जाएं।
Step 2: ‘सहरिया जनजाति छात्रा प्रोत्साहन योजना’ या ‘B.Ed. प्रोत्साहन योजना’ का चयन करें।
Step 3: जाति प्रमाण पत्र, विद्यालय नामांकन और अन्य दस्तावेज अपलोड करें।
Step 4: विद्यालय/संस्थान द्वारा सत्यापन के बाद आवेदन आगे बढ़ता है।
Step 5: स्वीकृति के बाद छात्रवृत्ति राशि DBT से बैंक खाते में जमा होती है।

PM-JANMAN योजना का लाभ लेने के लिए:

Step 1: ग्राम पंचायत या जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग (TAD) कार्यालय से संपर्क करें।
Step 2: PM-JANMAN सर्वेक्षण में परिवार का पंजीकरण सुनिश्चित करें (यह सरकार द्वारा गांव स्तर पर किया जाता है)।
Step 3: आवास, पेयजल, सौर ऊर्जा जैसी योजनाओं के लिए पात्रता स्वतः सर्वेक्षण के आधार पर तय होती है।
Step 4: संबंधित विभाग (PHED, PMAY-G, ऊर्जा विभाग) द्वारा योजना क्रियान्वयन।

योजना की वर्तमान स्थिति एवं नवीनतम अपडेट 2026

✦  PM-JANMAN क्रियान्वयन जारी: ₹24,104 करोड़ की राष्ट्रीय योजना 2026 में भी राजस्थान के बारां जिले सहित देशभर में सक्रिय रूप से लागू।
✦  80% आवास-सड़क पर व्यय: सर्वाधिक प्राथमिकता आवास और सड़क निर्माण को दी जा रही है जो सहरिया समुदाय की सबसे बुनियादी जरूरत है।
✦  राज्य छात्रवृत्ति योजनाएं जारी: सहरिया छात्रा प्रोत्साहन (11वीं-12वीं) और B.Ed. प्रोत्साहन योजना दोनों निरंतर संचालित।
✦  PVTG प्राथमिकता नीति: अधिकारियों को विशेष पिछड़ी जनजातियों तक योजनाओं की प्राथमिकता से पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश।
✦  डेटा सुधार की जरूरत: 2011 जनगणना आधारित पुराने डेटा में राजस्थान की PVTG जनसंख्या शामिल न होने की कमी को दूर करने पर विचार जारी।
✦  वन धन विकास केंद्र विस्तार: सहरिया समुदाय की पारंपरिक वन-आधारित आजीविका (शहद, जड़ी-बूटी) को व्यावसायिक बनाने के प्रयास जारी।

अन्य संबंधित राजस्थान योजनाएं

✦  कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना – ST सहित सभी वर्गों की छात्राओं को ₹70,000
✦  सामाजिक न्याय छात्रवृत्ति योजनाएं (SJE) – SC/ST/MBC/DNT को उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति
✦  पालनहार योजना – अनाथ/निराश्रित सहरिया बच्चों को भी मासिक सहायता
✦  मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना – सहरिया परिवारों को ₹25 लाख स्वास्थ्य बीमा
✦  मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान – बारां सहित आदिवासी क्षेत्रों में जल संरचनाएं

महत्वपूर्ण लिंक

विवरण जानकारी
जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग (TAD) tad.rajasthan.gov.in
जनजातीय कार्य मंत्रालय (केंद्र) tribal.nic.in
PM-JANMAN Portal pmjanman.tribal.gov.in
SSO Portal sso.rajasthan.gov.in
Jan Soochna Portal jansoochna.rajasthan.gov.in
हेल्पलाइन (Sampark) 181
विभाग जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, राजस्थान + जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार

FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q1. सहरिया जनजाति कौन है और राजस्थान में कहाँ रहती है?

सहरिया राजस्थान की 12 अधिसूचित जनजातियों में से एक है, जिसे विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। राजस्थान में यह मुख्यतः बारां जिले की किशनगंज और शाहबाद तहसीलों में निवास करती है।

Q2. PM-JANMAN योजना क्या है?

यह केंद्र सरकार की एक राष्ट्रीय योजना है जो 15 नवंबर 2023 को शुरू हुई, जिसका कुल परिव्यय 3 वर्षों में ₹24,104 करोड़ है। इसका उद्देश्य PVTG समुदायों (जिसमें सहरिया भी शामिल है) को सुरक्षित आवास, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और आजीविका के अवसर प्रदान करना है जिसमें लगभग 80% राशि आवास और सड़क निर्माण पर खर्च होती है।

Q3. सहरिया छात्राओं के लिए कौन-सी विशेष योजना है?

सहरिया जनजाति छात्रा प्रोत्साहन योजना जो बारां जिले की सहरिया छात्राओं के लिए है, जो राजकीय विद्यालय में कक्षा 11वीं-12वीं में नियमित अध्ययनरत हों। इसके अलावा एक B.Ed. प्रोत्साहन योजना भी है, जो राजकीय/गैर-राजकीय B.Ed. संस्थान में पढ़ने वाले सहरिया छात्र-छात्राओं के लिए है।

Q4. वन धन विकास केंद्र क्या है?

यह PM-JANMAN योजना के तहत स्थापित केंद्र हैं जो सहरिया जैसे आदिवासी समुदायों की पारंपरिक वन उपज (शहद, जड़ी-बूटी आदि) के व्यापार को व्यावसायिक रूप देने में मदद करते हैं जिससे उनकी आजीविका मजबूत होती है।

Q5. सहरिया परिवारों को सौर ऊर्जा की सुविधा कैसे मिलती है?

PM-JANMAN योजना के तहत लगभग 1 लाख घरों के लिए ऑफ-ग्रिड सौर ऊर्जा प्रणाली और सौर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की जा रही है विशेष रूप से उन दूरदराज क्षेत्रों में जहां बिजली पहुंचना कठिन है।

Q6. सहरिया जनजाति की पारंपरिक आजीविका क्या है?

सहरिया समुदाय पारंपरिक रूप से शिकार और मछली पकड़ने का शौक रखता है, और जड़ी-बूटियों के ज्ञान के साथ-साथ मधुमक्खियों के छत्तों से शहद एकत्र करने में निपुण होता है।

Q7. आवेदन कहाँ करें?

छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए sso.rajasthan.gov.in या नजदीकी जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग (TAD) कार्यालय में आवेदन करें। PM-JANMAN जैसी योजनाओं के लिए ग्राम पंचायत या TAD कार्यालय से संपर्क करें, जहां सरकार द्वारा सर्वेक्षण के आधार पर पात्रता तय होती है।

Q8. क्या सहरिया समुदाय केवल राजस्थान में है?

नहीं। राजस्थान के बारां जिले के अलावा मध्य प्रदेश के मुरैना, शिवपुरी, भिंड, ग्वालियर, दतिया, विदिशा और गुना जिलों में भी सहरिया जनजाति निवास करती है।

Q9. PVTG (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह) क्या होता है?

यह उन आदिवासी समुदायों की एक विशेष श्रेणी है जो अन्य जनजातियों की तुलना में शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक विकास में सबसे अधिक पिछड़े होते हैं और जिन्हें विशेष प्राथमिकता व सुरक्षा की जरूरत होती है सहरिया इसी श्रेणी में आता है।

Q10. सहरिया समुदाय के लिए अन्य कौन-सी सामान्य योजनाएं भी उपलब्ध हैं?

सहरिया छात्र ST वर्ग की सामान्य योजनाओं जैसे कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना, उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति और पालनहार योजना का भी लाभ ले सकते हैं विशेष योजनाओं के साथ-साथ ये सामान्य योजनाएं भी उन्हें सशक्त बनाती हैं।

निष्कर्ष

सहरिया एवं विशेष पिछड़ी जनजाति कल्याण योजना 2026 राजस्थान के सबसे वंचित आदिवासी समुदाय के लिए एक व्यापक विकास पैकेज है जो केंद्र की PM-JANMAN जैसी बड़ी राष्ट्रीय योजना और राज्य की समर्पित छात्रवृत्ति योजनाओं के संयोजन से काम करता है। ₹24,104 करोड़ का राष्ट्रीय निवेश और बारां जिले की सहरिया छात्राओं के लिए विशेष प्रोत्साहन  यह दोनों मिलकर इस समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने का काम कर रहे हैं।

यदि आप बारां जिले के सहरिया समुदाय से हैं और शिक्षा, आवास या अन्य किसी सहायता की तलाश में हैं, तो आज ही नजदीकी जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग (TAD) कार्यालय या ग्राम पंचायत से संपर्क करें।

किसी भी जानकारी के लिए Sampark Helpline 181 पर संपर्क करें। RojgarPath.com पर राजस्थान सरकारी योजनाओं की नवीनतम जानकारी के लिए विजिट करते रहें।

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