पालनहार योजना राजस्थान 2026 – पात्रता, राशि, आवेदन व सम्पूर्ण जानकारी

Palanhar Yojana Apply Online

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परिचय – पालनहार योजना राजस्थान क्या है?

पालनहार योजना राजस्थान सरकार की एक अनूठी और संवेदनशील सामाजिक सुरक्षा योजना है, जो उन बच्चों के जीवन में उजाला लाती है जिन्हें प्रकृति, परिस्थितियों या नियति ने माता-पिता के प्यार से वंचित कर दिया। यह योजना राजस्थान के अनाथ, निराश्रित और विशेष देखभाल वाले बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा एवं सामाजिक विकास को सुनिश्चित करती है।

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि सरकार बच्चों को अनाथालय भेजने की बजाय उनके किसी नजदीकी रिश्तेदार या परिचित व्यक्ति को “पालनहार” नियुक्त करती है। इससे बच्चे परिवार के प्यार और माहौल में ही बड़े होते हैं। राज्य सरकार उस पालनहार परिवार को बच्चे के पालन-पोषण, शिक्षा, वस्त्र और भोजन के लिए प्रतिमाह आर्थिक सहायता देती है।

पालनहार योजना राजस्थान की शुरुआत 8 फरवरी 2005 को पहले केवल अनुसूचित जाति के अनाथ बच्चों के लिए की गई थी। समय के साथ इसका विस्तार होता गया और अब यह योजना 10 अलग-अलग पात्र श्रेणियों के बच्चों को लाभ देती है। योजना का संचालन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान द्वारा किया जाता है।

अन्य राजस्थान सरकारी योजनाएं की तरह इस योजना में भी जन आधार कार्ड एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि आपके परिवार में कोई पात्र बच्चा है तो इस लेख को अंत तक पढ़ें  हर जरूरी जानकारी यहाँ मिलेगी।

Key Highlights – एक नज़र में पूरी योजना

विवरण जानकारी
योजना का नाम पालनहार योजना राजस्थान
योजना का आरंभ 8 फरवरी 2005
संचालक विभाग सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान
लाभार्थी 0 से 18 वर्ष के अनाथ / निराश्रित बच्चे
अनाथ बच्चे (0–6 वर्ष) ₹1,500 प्रति माह
अनाथ बच्चे (6–18 वर्ष) ₹2,500 प्रति माह
अन्य पात्र श्रेणी (0–6 वर्ष) ₹750 प्रति माह
अन्य पात्र श्रेणी (6–18 वर्ष) ₹1,500 प्रति माह
वार्षिक वस्त्र अनुदान ₹2,000 प्रति वर्ष (विधवा/नाता श्रेणी को छोड़कर)
पालनहार की आय सीमा ₹1.20 लाख प्रति वर्ष से अधिक नहीं
निवास शर्त पालनहार व बच्चा – कम से कम 3 वर्ष से राजस्थान में
आवेदन माध्यम SSO Portal / ई-मित्र / ऑफलाइन
आधिकारिक पोर्टल sje.rajasthan.gov.in
हेल्पलाइन नंबर 0141-2226639

योजना का उद्देश्य

पालनहार योजना राजस्थान का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिन बच्चों के माता-पिता नहीं हैं या जो किसी विशेष परिस्थिति में हैं, उन्हें संस्थागत देखभाल (अनाथालय) के बजाय परिवार के गर्मजोशी भरे माहौल में पला-बढ़ा जाए।

राजस्थान सरकार का मानना है कि बच्चे का विकास सबसे बेहतर परिवार के बीच होता है। इसीलिए इस योजना में किसी रिश्तेदार या जिम्मेदार परिचित व्यक्ति को पालनहार बनाकर उसे राज्य की ओर से आर्थिक मदद दी जाती है ताकि वह बच्चे की शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य और वस्त्र की जरूरतें पूरी कर सके।

इस योजना के तीन मुख्य लक्ष्य हैं: बच्चों का आर्थिक सुरक्षा, शैक्षणिक विकास और सामाजिक समावेश

योजना के लाभ एवं विशेषताएं

  • अनाथ बच्चों को ₹1,500 से ₹2,500 प्रति माह तक की मासिक सहायता।
  • अन्य पात्र श्रेणियों को ₹750 से ₹1,500 प्रति माह तक की सहायता।
  • वस्त्र, जूते, स्वेटर और अन्य जरूरतों के लिए ₹2,000 प्रति वर्ष अतिरिक्त।
  • बच्चों को अनाथालय भेजने की बजाय परिवार में रखा जाता है।
  • 10 अलग-अलग पात्र श्रेणियाँ — व्यापक सामाजिक कवरेज।
  • राशि सीधे DBT के माध्यम से पालनहार के बैंक खाते में।
  • 2 वर्ष की आयु में आंगनबाड़ी और 6 वर्ष की आयु में स्कूल में दाखिला अनिवार्य।
  • Jan Soochna Portal पर भुगतान स्थिति ऑनलाइन चेक करने की सुविधा।
  • सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना सहित अन्य योजनाओं के साथ मिलाकर लाभ लिया जा सकता है।
  • योजना का लाभ लेने के लिए प्रत्येक वर्ष नवीनीकरण (Renewal) अनिवार्य है।

योजना के अंतर्गत मिलने वाली सहायता राशि

अनाथ श्रेणी के बच्चों के लिए:

आयु वर्ग मासिक सहायता राशि
0 से 6 वर्ष ₹1,500 प्रति माह
6 से 18 वर्ष (स्कूल में दाखिल) ₹2,500 प्रति माह

अन्य सभी पात्र श्रेणियों के बच्चों के लिए:

आयु वर्ग मासिक सहायता राशि
0 से 6 वर्ष ₹750 प्रति माह
6 से 18 वर्ष (स्कूल में दाखिल) ₹1,500 प्रति माह

वार्षिक अतिरिक्त सहायता:

विवरण राशि शर्त
वस्त्र, जूते, स्वेटर आदि हेतु ₹2,000 प्रति वर्ष विधवा एवं नाता श्रेणी को छोड़कर

नोट: बजट घोषणा 2023-24 के अनुसार अन्य पात्र श्रेणियों की सहायता राशि में बढ़ोतरी की गई है  0–6 वर्ष के लिए ₹500 की जगह ₹750 और 6–18 वर्ष के लिए ₹1,000 की जगह ₹1,500 जो जुलाई 2023 से लागू हुई।

पात्रता (Eligibility Criteria)

पालनहार की पात्रता:

शर्त विवरण
निवास राजस्थान का मूल निवासी और कम से कम 3 वर्ष से राज्य में निवासरत
वार्षिक आय परिवार की वार्षिक आय ₹1.20 लाख से अधिक नहीं
संबंध बच्चे का नजदीकी रिश्तेदार, परिचित, वयस्क भाई/बहन
आयु वयस्क (Adult) होना अनिवार्य

पात्र बच्चों की 10 श्रेणियाँ:

क्र. श्रेणी अधिकतम बच्चे
1 अनाथ बच्चे (माता-पिता दोनों का निधन) असीमित
2 मृत्यु दंड / आजीवन कारावास प्राप्त माता-पिता के बच्चे असीमित
3 माता-पिता में से एक का निधन और दूसरे को आजीवन कारावास असीमित
4 निराश्रित पेंशन प्राप्त विधवा माता के बच्चे अधिकतम 3
5 नाता जाने वाली माता के बच्चे अधिकतम 3
6 पुनर्विवाहित विधवा माता की संतान असीमित
7 HIV / AIDS पीड़ित माता/पिता के बच्चे असीमित
8 कुष्ठ रोग पीड़ित माता/पिता के बच्चे असीमित
9 विकलांग (विशेष योग्यजन) माता/पिता के बच्चे असीमित
10 तलाकशुदा / परित्यक्ता महिला के बच्चे असीमित
11 सिलिकोसिस पीड़ित माता/पिता के बच्चे असीमित

महत्वपूर्ण शर्त: पात्र बच्चों को 2 वर्ष की आयु में आंगनबाड़ी केंद्र और 6 वर्ष की आयु में विद्यालय में प्रवेश दिलाना अनिवार्य है। इसके प्रमाण पत्र प्रत्येक वर्ष जमा कराने होते हैं।

आवश्यक दस्तावेज

पालनहार (संरक्षक) के दस्तावेज:

  • जन आधार कार्ड / भामाशाह कार्ड
  • मूल निवास प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र (वार्षिक ₹1.20 लाख से कम)
  • आधार कार्ड

बच्चे के दस्तावेज:

  • जन्म प्रमाण पत्र
  • आंगनबाड़ी पंजीकरण प्रमाण पत्र (2-6 वर्ष)
  • विद्यालय में नामांकन/अध्यनरत प्रमाण पत्र (6-18 वर्ष)

श्रेणी अनुसार विशेष दस्तावेज:

श्रेणी आवश्यक दस्तावेज
अनाथ बच्चे माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र
आजीवन कारावास दण्डादेश की प्रति
विधवा माता विधवा पेंशन भुगतान आदेश (PPO)
पुनर्विवाहित विधवा पुनर्विवाह प्रमाण पत्र
HIV/AIDS पीड़ित ART सेंटर द्वारा जारी ARD डायरी / ग्रीन कार्ड
कुष्ठ रोग सक्षम बोर्ड द्वारा जारी चिकित्सा प्रमाण पत्र
विकलांग माता/पिता सक्षम बोर्ड का विकलांगता प्रमाण पत्र
तलाकशुदा/परित्यक्ता तलाक / परित्याग प्रमाण पत्र
सिलिकोसिस सक्षम अधिकारी का प्रमाण पत्र

आवेदन प्रक्रिया

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया (SSO Portal से)

Step 1: sso.rajasthan.gov.in पर जाएँ।

Step 2: अपनी SSO ID और Password से Login करें। (नई ID नहीं है तो पहले Registration करें।)

Step 3: लॉगिन के बाद “SJMS Portal” या “SJE” विकल्प खोजें।

Step 4: “पालनहार योजना” आवेदन फॉर्म पर क्लिक करें।

Step 5: जन आधार नंबर दर्ज करें — परिवार का विवरण स्वतः आ जाएगा।

Step 6: बच्चे की जानकारी, श्रेणी और आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें।

Step 7: आवेदन Submit करें और रसीद/Application Number नोट करें।

Step 8: विभागीय सत्यापन के बाद DBT से राशि बैंक खाते में आएगी।

ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया

Step 1: नजदीकी ई-मित्र केंद्र या सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग कार्यालय जाएँ।

Step 2: sje.rajasthan.gov.in से पालनहार योजना का आवेदन फॉर्म PDF डाउनलोड करें या कार्यालय से प्राप्त करें।

Step 3: फॉर्म में सभी जानकारी सावधानीपूर्वक भरें।

Step 4: सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें।

Step 5: पूरा फॉर्म जिला सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग या ग्राम पंचायत / विकास अधिकारी के पास जमा करें।

Step 6: रसीद प्राप्त करें और समय-समय पर आवेदन की स्थिति ट्रैक करते रहें।

याद रखें: योजना का लाभ लेने के लिए प्रत्येक वर्ष नवीनीकरण अनिवार्य है और बच्चे के आंगनबाड़ी/विद्यालय जाने का प्रमाण पत्र हर साल जमा कराना होता है।

भुगतान स्थिति / लाभार्थी स्थिति कैसे चेक करें?

Jan Soochna Portal से:

  1. jansoochna.rajasthan.gov.in पर जाएँ।
  2. “पालनहार योजना एवं लाभार्थी जानकारी” सर्च करें।
  3. अपना जन आधार नंबर / आवेदन नंबर दर्ज करें।
  4. भुगतान की स्थिति, आवेदन की प्रगति और लाभार्थी विवरण देखें।

जन सूचना पोर्टल राजस्थान पर जाकर आप इस योजना की पात्रता एवं भुगतान की जानकारी आसानी से पा सकते हैं।

आवेदन में सामान्य गलतियाँ – जो आवेदन रिजेक्ट करवा सकती हैं

कई आवेदक इन गलतियों की वजह से लाभ से वंचित रह जाते हैं:

  • जन आधार कार्ड और आधार कार्ड के नाम में अंतर होना।
  • बच्चे के विद्यालय/आंगनबाड़ी का प्रमाण पत्र न देना।
  • पालनहार की आय प्रमाण पत्र की समय-सीमा समाप्त होना।
  • वार्षिक नवीनीकरण न कराना।
  • गलत श्रेणी में आवेदन करना।
  • दस्तावेज अस्पष्ट या अधूरे अपलोड करना।

योजना की वर्तमान स्थिति एवं नवीनतम अपडेट 2026

बजट 2023-24 में बढ़ोतरी: अन्य पात्र श्रेणियों के बच्चों को मिलने वाली मासिक सहायता में बढ़ोतरी की गई — 0-6 वर्ष के लिए ₹500 से ₹750 और 6-18 वर्ष के लिए ₹1,000 से ₹1,500 जो जुलाई 2023 से लागू है।

अनाथ श्रेणी में वृद्धि: अनाथ बच्चों के लिए 0-6 वर्ष में ₹1,500 और 6-18 वर्ष में ₹2,500 प्रति माह की सहायता जारी है।

सिलिकोसिस पीड़ित परिवार: सिलिकोसिस पीड़ित माता/पिता के बच्चे भी अब इस योजना के पात्र हैं।

Jan Soochna Portal पर ऑनलाइन स्टेटस: लाभार्थी अपने भुगतान की स्थिति Jan Soochna Portal पर ऑनलाइन देख सकते हैं।

DBT के माध्यम से भुगतान: सभी भुगतान सीधे DBT के माध्यम से पालनहार के बैंक खाते में जाते हैं कोई बिचौलिया नहीं।

वार्षिक नवीनीकरण अनिवार्य: हर वर्ष पंजीकरण का नवीनीकरण करना अनिवार्य है अन्यथा भुगतान रुक सकता है।

अन्य संबंधित राजस्थान योजनाएं

पालनहार योजना के लाभार्थी इन योजनाओं का भी लाभ ले सकते हैं:

महत्वपूर्ण लिंक

विवरण जानकारी / लिंक
आधिकारिक वेबसाइट sje.rajasthan.gov.in
SSO Portal (आवेदन) sso.rajasthan.gov.in
Jan Soochna Portal (स्टेटस) jansoochna.rajasthan.gov.in
हेल्पलाइन नंबर 0141-2226639
ई-मेल
विभाग सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान

FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q1. पालनहार योजना राजस्थान क्या है और इसकी शुरुआत कब हुई? पालनहार योजना राजस्थान सरकार की एक बाल कल्याण योजना है जिसकी शुरुआत 8 फरवरी 2005 को हुई थी। इसमें अनाथ व निराश्रित बच्चों को अनाथालय की बजाय किसी नजदीकी रिश्तेदार (पालनहार) के पास रखकर उनके पालन-पोषण के लिए सरकार मासिक आर्थिक सहायता देती है।

Q2. पालनहार योजना में कितनी राशि मिलती है? अनाथ श्रेणी के 0-6 वर्ष के बच्चों को ₹1,500 प्रति माह और 6-18 वर्ष के बच्चों को ₹2,500 प्रति माह मिलती है। अन्य पात्र श्रेणियों में 0-6 वर्ष के लिए ₹750 और 6-18 वर्ष के लिए ₹1,500 प्रति माह दिए जाते हैं। इसके अतिरिक्त वस्त्र आदि के लिए ₹2,000 वार्षिक भी मिलते हैं।

Q3. पालनहार कौन बन सकता है? बच्चे का कोई भी नजदीकी रिश्तेदार, परिचित या वयस्क भाई/बहन पालनहार बन सकता है — बशर्ते वह राजस्थान का मूल निवासी हो, कम से कम 3 वर्ष से राज्य में रह रहा हो और पालनहार परिवार की वार्षिक आय ₹1.20 लाख से अधिक न हो।

Q4. योजना में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? sso.rajasthan.gov.in पर लॉगिन करके “SJE” या “SJMS Portal” में जाएँ और पालनहार योजना आवेदन फॉर्म भरें। ऑफलाइन आवेदन के लिए ई-मित्र केंद्र या सामाजिक न्याय विभाग कार्यालय में जाएँ।

Q5. क्या बच्चे को स्कूल भेजना जरूरी है? हाँ। इस योजना की सबसे जरूरी शर्त है बच्चे को 2 वर्ष की आयु में आंगनबाड़ी केंद्र और 6 वर्ष की आयु में विद्यालय में दाखिल कराना अनिवार्य है। हर वर्ष इसका प्रमाण पत्र जमा करना होता है।

Q6. विधवा माता के बच्चों को वार्षिक वस्त्र अनुदान मिलता है? नहीं। विधवा श्रेणी और नाता श्रेणी के बच्चों को वार्षिक ₹2,000 का वस्त्र अनुदान देय नहीं है। शेष सभी पात्र श्रेणियों को यह अनुदान मिलता है।

Q7. पालनहार योजना का नवीनीकरण कब और कैसे होता है? इस योजना का लाभ लेने के लिए प्रत्येक वर्ष पंजीकरण नवीनीकरण अनिवार्य है। SSO Portal या ई-मित्र केंद्र से नवीनीकरण किया जा सकता है। नवीनीकरण न कराने पर भुगतान रुक सकता है।

Q8. भुगतान की स्थिति कैसे चेक करें? jansoochna.rajasthan.gov.in पर “पालनहार योजना एवं लाभार्थी जानकारी” विकल्प में जन आधार नंबर या आवेदन नंबर से भुगतान की स्थिति ऑनलाइन देखी जा सकती है।

Q9. एक पालनहार परिवार कितने बच्चों के लिए आवेदन कर सकता है? अधिकांश श्रेणियों में कोई सीमा नहीं है। हालांकि विधवा माता की अधिकतम 3 संतान और नाता जाने वाली माता की अधिकतम 3 संतान ही इस योजना में पात्र मानी जाती हैं।

Q10. क्या HIV/AIDS पीड़ित माता-पिता के बच्चे भी पात्र हैं? हाँ। HIV/AIDS पीड़ित माता या पिता के बच्चे पालनहार योजना के लिए पूर्णतः पात्र हैं। इसके लिए ART सेंटर द्वारा जारी ARD डायरी या ग्रीन कार्ड की प्रति दस्तावेज के रूप में देनी होती है।

निष्कर्ष

पालनहार योजना राजस्थान 2026 यह महज एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि लाखों बेसहारा बच्चों के लिए जीवन की एक नई शुरुआत है। राजस्थान सरकार ने इस योजना के जरिए यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी बच्चा केवल इसलिए शिक्षा या पोषण से वंचित न रहे क्योंकि उसके माता-पिता नहीं हैं या वे किसी कठिन परिस्थिति में हैं।

अगर आपके परिवार में या आस-पास ऐसा कोई बच्चा है जो इस योजना का लाभ पाने का हक रखता है, तो आज ही sje.rajasthan.gov.in पर जाकर आवेदन करें या नजदीकी ई-मित्र केंद्र से सहायता लें।

किसी भी जानकारी या सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 0141-2226639 पर संपर्क करें और केवल आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करें। किसी भी दलाल या अनधिकृत एजेंट से सावधान रहें।

राजस्थान सरकारी योजनाएं की नवीनतम जानकारी के लिए RojgarPath.com पर विजिट करते रहें।

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