राजस्थान सखी वन स्टॉप सेंटर योजना 2026 – हिंसा पीड़ित महिलाओं के लिए एकीकृत सहायता व सम्पूर्ण जानकारी

राजस्थान सखी वन स्टॉप सेंटर योजना 2026

Table of Contents

परिचय – सखी वन स्टॉप सेंटर योजना क्या है?

घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न या किसी भी प्रकार की प्रताड़ना का शिकार होने पर एक महिला को अक्सर एक साथ कई जगह भागना पड़ता है पहले पुलिस थाना, फिर अस्पताल, फिर वकील, फिर काउंसलर। इस थकाऊ और डरावनी प्रक्रिया को खत्म करने के लिए भारत सरकार ने एक ऐसी व्यवस्था बनाई जहां पीड़ित महिला को एक ही छत के नीचे सभी जरूरी सेवाएं मिल सकें इसी का नाम है सखी वन स्टॉप सेंटर (One Stop Centre) योजना

यह योजना निर्भया फंड के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा 100% वित्तपोषित है और राजस्थान सहित देश के लगभग सभी जिलों में संचालित है। राजस्थान में इसका क्रियान्वयन महिला अधिकारिता विभाग द्वारा किया जाता है। हर वन स्टॉप सेंटर को आमतौर पर जिला अस्पताल परिसर में या उसके 2 किलोमीटर के दायरे में स्थापित किया जाता है, ताकि पीड़ित महिला को चिकित्सा सहायता तुरंत मिल सके।

सखी वन स्टॉप सेंटर पर शारीरिक, मानसिक, यौन, भावनात्मक और आर्थिक शोषण का सामना करने वाली किसी भी उम्र, वर्ग, जाति, वैवाहिक स्थिति की महिला या बालिका संपर्क कर सकती है बिना किसी भेदभाव के। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस केंद्र तक पहुंचने का सबसे आसान रास्ता है महिला हेल्पलाइन 181, जो 24 घंटे, हर दिन, बिना किसी शुल्क के उपलब्ध है।

यह राजस्थान सरकारी योजनाएं में महिला सुरक्षा और न्याय की सबसे तत्काल और संवेदनशील पहल है जो संकट की घड़ी में महिलाओं को अकेला नहीं छोड़ती।

Key Highlights – एक नज़र में पूरी योजना

विवरण जानकारी
योजना का नाम सखी – वन स्टॉप सेंटर (One Stop Centre) योजना
वित्तपोषण 100% केंद्र सरकार (निर्भया फंड)
राज्य में क्रियान्वयन जिम्मेदारी महिला अधिकारिता विभाग, राजस्थान
लाभार्थी हिंसा से प्रभावित हर आयु, वर्ग, जाति की महिला व बालिका
केंद्र का स्थान जिला अस्पताल परिसर में या 2 KM के दायरे में
मुख्य हेल्पलाइन 181 (24×7, निःशुल्क, गोपनीय)
सेवाएं चिकित्सा, पुलिस, कानूनी सहायता, काउंसलिंग, अस्थायी आश्रय
कवरेज राजस्थान के लगभग सभी जिलों में केंद्र संचालित
गोपनीयता पीड़िता का नाम पूर्णतः गोपनीय रखा जाता है
समन्वय तंत्र 108 एम्बुलेंस, पुलिस, NHM, अदालत से जुड़ाव
शिकायत माध्यम सादे कागज पर आवेदन / सीधे केंद्र पर उपस्थित होकर / 181 पर कॉल

योजना का उद्देश्य

भारत में हर वर्ष लाखों महिलाएं घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, यौन उत्पीड़न, तस्करी और अन्य प्रकार के अत्याचार का शिकार होती हैं। कई बार पीड़िता को यह भी नहीं पता होता कि उसे कहां जाना है, किससे मदद मांगनी है और यह अनिश्चितता उसे और अधिक असुरक्षित बना देती है।

सखी वन स्टॉप सेंटर योजना का उद्देश्य है संकट की स्थिति में महिला को एक ही स्थान पर तत्काल चिकित्सा, कानूनी, पुलिस और मानसिक-सामाजिक सहायता उपलब्ध कराना, उसे सुरक्षित और अस्थायी आश्रय देना, अपने अधिकारों और उपलब्ध सरकारी सहायता तंत्र के प्रति जागरूक करना, और अंततः उसे न्याय के साथ-साथ पुनर्वास व आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना।

सखी केंद्र पर मिलने वाली सेवाएं

सेवा विवरण
आपातकालीन बचाव 108 एम्बुलेंस, पुलिस से समन्वय तत्काल रेस्क्यू
चिकित्सा सहायता प्राथमिक उपचार, अस्पताल में चिकित्सा जांच व इलाज
पुलिस सहायता FIR दर्ज कराने में मदद, पुलिस से सीधा समन्वय
कानूनी परामर्श व सहायता निःशुल्क कानूनी सलाह, अधिवक्ता सहायता
मनोसामाजिक परामर्श (Counselling) मानसिक सहारा, काउंसलर से नियमित सत्र
अस्थायी आश्रय 5 दिन तक सुरक्षित आश्रय (जरूरत पड़ने पर विस्तार)
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग बयान सुविधा अदालत में बयान हेतु ऑडियो-वीडियो सुविधा
स्किल मैपिंग व रोजगार जुड़ाव पुनर्वास हेतु कौशल प्रशिक्षण व रोजगार से जोड़ना

कौन-कौन सी महिलाएं संपर्क कर सकती हैं?

सखी वन स्टॉप सेंटर हर उस महिला और बालिका के लिए है जो निम्न में से किसी भी प्रकार की हिंसा या संकट का सामना कर रही हो:

✦  घरेलू हिंसा (Domestic Violence) पति या ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ना।
✦  दहेज प्रताड़ना और दहेज हत्या के प्रयास।
✦  यौन उत्पीड़न (कार्यस्थल, घर या सार्वजनिक स्थान पर)।
✦  भावनात्मक और मानसिक शोषण।
✦  आर्थिक शोषण (आय पर नियंत्रण, संपत्ति से वंचित करना)।
✦  तस्करी (Trafficking) से बचाई गई महिलाएं।
✦  एसिड अटैक और अन्य गंभीर हिंसा की पीड़ित।
✦  दूसरी शादी / बहुविवाह से पीड़ित महिलाएं।

आयु, जाति, धर्म, वैवाहिक स्थिति या शिक्षा के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाता हर पीड़ित महिला की मदद की जाती है।

पीड़ित महिला किस प्रकार मदद ले सकती है? – Step by Step

तरीका 1 – हेल्पलाइन 181 पर कॉल करें:

Step 1: किसी भी मोबाइल या लैंडलाइन से 181 डायल करें यह सेवा 24 घंटे और पूर्णतः निःशुल्क है।
Step 2: कॉल करने वाली का नाम पूर्णतः गोपनीय रखा जाता है यदि वह चाहे तो अपनी पहचान उजागर नहीं करनी पड़ती।
Step 3: हेल्पलाइन टीम स्थिति समझकर नजदीकी सखी वन स्टॉप सेंटर, पुलिस, अस्पताल या अन्य आपातकालीन सेवा से समन्वय करती है।

तरीका 2 – सीधे सखी केंद्र पर जाएं:

Step 1: नजदीकी जिला अस्पताल परिसर में स्थापित सखी वन स्टॉप सेंटर पर स्वयं या किसी भरोसेमंद व्यक्ति के साथ जाएं।
Step 2: सादे कागज पर आवेदन देकर या मौखिक रूप से अपनी समस्या बताएं कोई जटिल फॉर्म नहीं भरना पड़ता।
Step 3: केंद्र की टीम आपकी काउंसलिंग करती है और आवश्यकतानुसार चिकित्सा, कानूनी या पुलिस सहायता से जोड़ती है।

तरीका 3 – अधिकारियों को सीधी सूचना:

शिकायत दर्ज होने के बाद आवश्यकतानुसार DPO, CDPO, SHO, DM, SP, DYSP या CMO सहित संबंधित जिला अधिकारियों को SMS/इंटरनेट के माध्यम से तत्काल सूचना भेजी जाती है ताकि त्वरित कार्रवाई हो सके।

न्याय की प्रक्रिया में सहायता

सखी वन स्टॉप सेंटर केवल तत्काल सहायता तक सीमित नहीं है यह पीड़िता को पूरी न्यायिक प्रक्रिया में साथ देता है:

✦  FIR दर्ज कराने में सहायता और पुलिस के साथ समन्वय।
✦  पुलिस अधीक्षक व जिला एवं सत्र न्यायाधीश के परामर्श से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बयान दर्ज कराने की सुविधा जिससे पीड़िता को बार-बार अदालत के चक्कर न काटने पड़ें।
✦  मामले के निपटारे तक नियमित निगरानी और अनुवर्ती कार्रवाई (Follow-up)।
✦  समझौते और कानूनी परामर्श के माध्यम से पारिवारिक विवादों का भी समाधान कई मामलों में परिवार दोबारा बसे हैं।

पुनर्वास पर विशेष ध्यान – 2026 का नया फोकस

हाल के महीनों में जिला प्रशासन स्तर पर यह विशेष निर्देश दिए गए हैं कि सखी केंद्र पर आने वाली महिलाओं की केवल तत्काल सहायता ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक पुनर्वास पर भी ध्यान दिया जाए:
✦  पीड़ित महिलाओं की स्किल मैपिंग (कौशल मूल्यांकन) कर उन्हें रोजगार प्रशिक्षण संस्थानों से जोड़ा जा रहा है।
✦  प्रशिक्षण के बाद विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित कर महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है जैसे मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना।
✦  आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए दीर्घकालिक फॉलो-अप।

योजना के लाभ एवं विशेषताएं

✦  एक ही छत के नीचे चिकित्सा, कानूनी, पुलिस और मानसिक सहायता बार-बार अलग-अलग जगह जाने की जरूरत नहीं।
✦  पूर्णतः निःशुल्क सेवाएं केंद्र सरकार द्वारा 100% वित्तपोषित।
✦  24×7 हेल्पलाइन 181 कभी भी, कहीं से भी संपर्क संभव।
✦  पीड़िता की पहचान पूर्ण रूप से गोपनीय रखी जाती है।
✦  अस्थायी आश्रय की सुविधा जरूरत पड़ने पर सुरक्षित रहने की जगह।
✦  वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बयान दर्ज कराने की सुविधा बार-बार अदालत जाने से मुक्ति।
✦  पुनर्वास और रोजगार से जुड़ाव केवल तत्काल राहत नहीं, दीर्घकालिक सहारा।

योजना की वर्तमान स्थिति एवं नवीनतम अपडेट 2026

✦  पुनर्वास पर जोर: 2026 में सखी केंद्रों पर पीड़ित महिलाओं की स्किल मैपिंग कर रोजगार प्रशिक्षण से जोड़ने पर विशेष निर्देश जारी।
✦  केंद्र और अधिक सक्रिय: जिला प्रशासन स्तर पर सखी वन स्टॉप सेंटरों को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में समाधान दिवस जैसी पहलों में विशेष ध्यान।
✦  सरकारी योजनाओं से जुड़ाव: प्रशिक्षण के बाद पीड़ित महिलाओं को विभिन्न सरकारी आर्थिक सशक्तिकरण योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।
✦  देशभर में विस्तार: लगभग सभी जिलों में सखी केंद्र संचालित निर्भया फंड से निरंतर वित्तपोषण जारी।
✦  181 हेल्पलाइन एकीकरण: पुलिस, एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन सेवाओं के साथ पूर्ण समन्वय मजबूत हुआ।

अन्य संबंधित राजस्थान योजनाएं

✦  मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना – विधवा/तलाकशुदा/परित्यक्ता महिलाओं को मासिक पेंशन
✦  इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना – महिला उद्यमियों को ₹50 लाख-₹1 करोड़ ऋण
✦  इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना – केंद्र-राज्य संयुक्त पेंशन सहायता
✦  मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना – पीड़ित महिला परिवार को ₹25 लाख स्वास्थ्य बीमा
✦  मुख्यमंत्री युवा कौशल विकास योजना – पुनर्वास हेतु कौशल प्रशिक्षण

महत्वपूर्ण लिंक

विवरण जानकारी
महिला हेल्पलाइन (24×7) 181
महिला अधिकारिता विभाग, राजस्थान wcd.rajasthan.gov.in
राष्ट्रीय महिला आयोग हेल्पलाइन 7827170170
पुलिस आपातकालीन 100 / 112
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098
Jan Soochna Portal jansoochna.rajasthan.gov.in
विभाग महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (केंद्र) + महिला अधिकारिता विभाग (राजस्थान)

FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q1. सखी वन स्टॉप सेंटर क्या है?

यह केंद्र सरकार द्वारा निर्भया फंड से 100% वित्तपोषित एक योजना है जिसके तहत हिंसा से पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर चिकित्सा, कानूनी, पुलिस और मानसिक-सामाजिक सहायता एवं अस्थायी आश्रय जैसी एकीकृत सेवाएं दी जाती हैं। राजस्थान में इसे महिला अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित किया जाता है।

Q2. सखी केंद्र से कैसे संपर्क करें?

महिला हेल्पलाइन 181 पर 24 घंटे कभी भी निःशुल्क कॉल करें, या सीधे नजदीकी जिला अस्पताल परिसर में स्थापित सखी वन स्टॉप सेंटर पर स्वयं जाकर संपर्क करें।

Q3. क्या मेरी पहचान गोपनीय रहेगी?

हाँ। यदि पीड़िता वयस्क है और अपना नाम उजागर नहीं करना चाहती, तो हेल्पलाइन और सखी केंद्र दोनों उसका नाम पूर्णतः गोपनीय रखते हैं।

Q4. सेवाएं लेने के लिए कोई शुल्क देना होगा?

नहीं। सखी वन स्टॉप सेंटर की सभी सेवाएं पूर्णतः निःशुल्क हैं यह केंद्र सरकार द्वारा 100% वित्तपोषित है।

Q5. कौन-सी महिलाएं इस केंद्र पर मदद ले सकती हैं?

शारीरिक, यौन, भावनात्मक, मानसिक या आर्थिक हिंसा का सामना करने वाली किसी भी आयु, जाति, वर्ग, शिक्षा स्तर या वैवाहिक स्थिति की महिला या बालिका मदद ले सकती है कोई भेदभाव नहीं किया जाता।

Q6. क्या सखी केंद्र में रुकने की भी सुविधा है?

हाँ। जरूरत पड़ने पर पीड़ित महिला को अस्थायी आश्रय (सामान्यतः 5 दिन तक, आवश्यकतानुसार विस्तार संभव) की सुविधा दी जाती है।

Q7. अदालत में बयान देने के लिए बार-बार जाना पड़ेगा?

नहीं। पुलिस अधीक्षक और जिला एवं सत्र न्यायाधीश के परामर्श से पीड़िता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी अपना बयान दर्ज करा सकती है बार-बार अदालत जाने की जरूरत नहीं।

Q8. FIR दर्ज कराने में डर लगे तो क्या करें?

सखी केंद्र की टीम पुलिस के साथ सीधा समन्वय रखती है और पीड़िता को FIR दर्ज कराने में पूरी सहायता व मानसिक सहारा देती है ताकि केस कमजोर न हो और महिला को न्याय मिले।

Q9. पुनर्वास के लिए क्या सुविधा है?

2026 में विशेष जोर दिया जा रहा है कि पीड़ित महिलाओं की स्किल मैपिंग कर उन्हें रोजगार प्रशिक्षण संस्थानों और सरकारी आर्थिक सशक्तिकरण योजनाओं से जोड़ा जाए ताकि वे दीर्घकाल में आत्मनिर्भर बन सकें।

Q10. क्या सखी केंद्र सिर्फ शहरी क्षेत्रों में है?

नहीं। सखी वन स्टॉप सेंटर देश के लगभग सभी जिलों में संचालित है जिला अस्पताल परिसर में या उसके नजदीक स्थापित होने से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं भी आसानी से पहुंच सकती हैं।

निष्कर्ष

सखी वन स्टॉप सेंटर योजना 2026 संकट में फंसी हर महिला के लिए एक भरोसेमंद सहारा है। चिकित्सा से लेकर न्याय तक, काउंसलिंग से लेकर पुनर्वास तक यह एक ऐसा तंत्र है जो पीड़िता को अकेला महसूस नहीं होने देता।

यदि आप या आपके आस-पास कोई महिला किसी भी प्रकार की हिंसा या प्रताड़ना का सामना कर रही है, तो बिना किसी संकोच के महिला हेल्पलाइन 181 पर कॉल करें या नजदीकी सखी वन स्टॉप सेंटर से संपर्क करें यह सेवा हमेशा, हर परिस्थिति में आपके साथ है।

किसी भी जानकारी के लिए 181 पर संपर्क करें। RojgarPath.com पर राजस्थान सरकारी योजनाओं की नवीनतम जानकारी के लिए विजिट करते रहें।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top