इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना 2026 – राजस्थान में लाभ, पात्रता व सम्पूर्ण जानकारी

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परिचय – इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना क्या है?

पति की मृत्यु के बाद एक महिला के सामने सबसे पहला और सबसे कठिन सवाल होता है। अब घर कैसे चलेगा? इसी सवाल का जवाब देने के लिए भारत सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के तहत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (IGNWPS) शुरू की जो देश की गरीब विधवा महिलाओं को केंद्र सरकार की ओर से नियमित मासिक पेंशन देती है।

यह योजना केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित है और राज्यों के माध्यम से लागू होती है। राजस्थान में इस केंद्रीय योजना को राज्य की अपनी मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना (RajSSP) के साथ जोड़ा गया है। यानी पात्र विधवा महिलाओं को केंद्र का अंशदान और राज्य सरकार का टॉप-अप दोनों मिलाकर एक संयुक्त पेंशन राशि प्राप्त होती है।

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) राजस्थान के गरीब और कमजोर वर्गों के लिए सामाजिक सुरक्षा का एक अभेद्य आधार स्तंभ बनकर उभरा है। जनवरी 2026 तक देशभर में लगभग 3.09 करोड़ BPL लाभार्थियों को इस कार्यक्रम के तहत लाभान्वित किया जा रहा है, जिसमें राजस्थान के 12 लाख से अधिक लोग शामिल हैं।

यह राजस्थान सरकारी योजनाएं में केंद्र-राज्य समन्वय से चलने वाली सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में से एक है। जो अकेली पड़ चुकी विधवा महिलाओं को सम्मान और आर्थिक सुरक्षा दोनों देती है।

Key Highlights – एक नज़र में योजना

विवरण जानकारी
योजना का नाम इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (IGNWPS)
मूल कार्यक्रम राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP)
संचालक मंत्रालय ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार
राज्य में क्रियान्वयन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, राजस्थान
राज्य में संयुक्त योजना मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना (RajSSP)
केंद्रीय अंशदान ₹300 प्रति माह (40-59 वर्ष की BPL विधवा)
राज्य टॉप-अप (राजस्थान) शेष राशि जोड़कर कुल ₹1,450-₹1,500 तक
आयु सीमा (केंद्रीय योजना) 40 से 59 वर्ष (60+ पर वृद्धावस्था पेंशन में स्थानांतरण)
आयु सीमा (राजस्थान राज्य योजना) 18 वर्ष या अधिक — कोई ऊपरी सीमा नहीं
पात्रता वर्ग BPL सूची में शामिल विधवा महिलाएं
आवेदन ऐप SAMBAL Mobile App (केंद्रीय)
भुगतान माध्यम DBT – बैंक/पोस्ट ऑफिस खाते में
हेल्पलाइन 181 (Sampark)

योजना का उद्देश्य

भारत में लाखों विधवा महिलाएं ऐसी हैं जो पति की मृत्यु के बाद आर्थिक रूप से पूरी तरह असहाय हो जाती हैं। खासकर जब वे BPL (गरीबी रेखा से नीचे) परिवार से हों। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना का उद्देश्य है। इन महिलाओं को नियमित मासिक आय का एक स्थायी स्रोत देना, उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना, और सामाजिक सुरक्षा का एक न्यूनतम आधार सुनिश्चित करना। राज्य सरकार का टॉप-अप जोड़कर राजस्थान में यह सहायता और भी सार्थक बनाई गई है।

NSAP – पांच उप-योजनाओं का समूह

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के अंतर्गत वर्तमान में पांच उप-योजनाएं शामिल हैं। जिनमें से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना एक महत्वपूर्ण हिस्सा है:

उप-योजना संक्षिप्त नाम लाभार्थी वर्ग
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना IGNOAPS 60 वर्ष+ BPL वृद्धजन
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना IGNWPS 40-59 वर्ष BPL विधवा महिलाएं
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्त पेंशन योजना IGNDPS 18-79 वर्ष गंभीर/बहु दिव्यांगता BPL
राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना NFBS कमाऊ सदस्य की मृत्यु पर एकमुश्त सहायता
अन्नपूर्णा योजना वृद्धजन जो वृद्धावस्था पेंशन से छूट गए हों

केंद्रीय अंशदान राशि – विस्तृत विवरण

आयु वर्ग श्रेणी केंद्रीय अंशदान (प्रति माह)
40 से 59 वर्ष BPL विधवा महिला ₹300
60 से 79 वर्ष BPL वृद्धजन (IGNOAPS में स्थानांतरण) ₹200
80 वर्ष से अधिक BPL वृद्धजन ₹500
18 से 59 वर्ष गंभीर/बहु दिव्यांगता (BPL) ₹300

महत्वपूर्ण: यह केवल केंद्र सरकार का अंशदान है। राजस्थान सरकार अपनी ओर से इसमें टॉप-अप जोड़ती है, जिससे कुल पेंशन राशि राज्य की सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना (RajSSP) के अनुसार ₹1,450 (75 वर्ष तक) से ₹1,500 (75 वर्ष से अधिक) तक पहुंच जाती है।

राजस्थान में IGNWPS और RajSSP का संयोजन कैसे काम करता है?

राजस्थान में विधवा महिलाओं को दो स्रोतों से पेंशन मिलती है, यह समझना जरूरी है:

स्रोत राशि शर्त
केंद्र सरकार (IGNWPS) ₹300/माह 40-59 वर्ष, BPL श्रेणी
राज्य सरकार (RajSSP टॉप-अप) शेष राशि (₹1,150-₹1,200/माह) 18 वर्ष+ सभी पात्र विधवा (BPL अनिवार्य नहीं)
कुल संयुक्त पेंशन ₹1,450 (75 वर्ष तक) / ₹1,500 (75+) दोनों मिलाकर एक ही DBT भुगतान

यही कारण है कि राजस्थान की एकल नारी सम्मान पेंशन योजना, केंद्र की IGNWPS की तुलना में कहीं अधिक व्यापक है। क्योंकि राजस्थान में 18 वर्ष की आयु से ही पात्रता मिल जाती है (केंद्रीय योजना में 40 वर्ष), और BPL न होने पर भी राज्य अपने स्तर पर टॉप-अप देता है।

योजना के लाभ एवं विशेषताएं

✦  केंद्र और राज्य दोनों सरकारों का संयुक्त अंशदान – विधवा महिलाओं को अधिकतम पेंशन राशि सुनिश्चित।
✦  SAMBAL मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा।
✦  आधार आधारित डिजिटल जीवन प्रमाणीकरण (Digital Life Certificate) जुलाई 2025 में शुरू हुआ, वार्षिक सत्यापन आसान।
✦  DBT से सीधे बैंक/पोस्ट ऑफिस खाते में भुगतान कोई बिचौलिया नहीं।
✦  ग्राम पंचायत और नगर निकाय स्तर पर आवेदन सहायता उपलब्ध।
✦  राजस्थान में BPL शर्त के बिना भी व्यापक कवरेज राज्य की अपनी नीति से अतिरिक्त पात्रता।

पात्रता (Eligibility Criteria)

केंद्रीय योजना (IGNWPS) के लिए:

शर्त विवरण
आयु 40 से 59 वर्ष
श्रेणी गरीबी रेखा से नीचे (BPL) परिवार की विधवा महिला
वैवाहिक स्थिति पति की मृत्यु हो चुकी हो और पुनर्विवाह न किया हो
आय BPL सूची में नाम दर्ज होना अनिवार्य

राजस्थान राज्य योजना (एकल नारी सम्मान पेंशन) के लिए:

शर्त विवरण
आयु 18 वर्ष या अधिक (कोई ऊपरी सीमा नहीं)
निवास राजस्थान की स्थायी निवासी
वार्षिक पारिवारिक आय ₹48,000 से अधिक नहीं
श्रेणी विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता महिलाएं भी शामिल

आवश्यक दस्तावेज

✦  आधार कार्ड
✦  जन आधार कार्ड (राजस्थान में)
✦  पति का मृत्यु प्रमाण पत्र
✦  BPL कार्ड / राशन कार्ड (केंद्रीय योजना हेतु)
✦  आय प्रमाण पत्र (राज्य योजना हेतु)
✦  मूल निवास प्रमाण पत्र
✦  बैंक/पोस्ट ऑफिस पासबुक (आधार सीडेड)
✦  पासपोर्ट साइज़ फोटो

आवेदन प्रक्रिया – Step by Step

SAMBAL Mobile App से:

Step 1: Google Play Store से SAMBAL ऐप डाउनलोड करें।
Step 2: आधार नंबर से रजिस्ट्रेशन करें।
Step 3: ‘विधवा पेंशन योजना’ विकल्प चुनें और आवेदन फॉर्म भरें।
Step 4: दस्तावेज अपलोड करें और Submit करें।

राजस्थान में ऑफलाइन/ऑनलाइन आवेदन:

Step 1: sso.rajasthan.gov.in पर Login करें → ‘Social Security Pension’ खोजें।
Step 2: ‘मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना‘ आवेदन फॉर्म भरें — यह स्वतः IGNWPS की पात्रता भी जांचेगा।
Step 3: दस्तावेज अपलोड करें, सत्यापन के बाद संयुक्त पेंशन (केंद्र+राज्य) शुरू होगी।
Step 4: नजदीकी ई-मित्र केंद्र या ग्राम पंचायत/नगर निकाय से भी आवेदन में सहायता ली जा सकती है।

डिजिटल जीवन प्रमाणीकरण (Digital Life Certificate)

जुलाई 2025 में शुरू हुई इस सुविधा से अब पेंशनधारकों को हर साल जीवित होने का प्रमाण पत्र (Life Certificate) देने के लिए दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ते। आधार आधारित डिजिटल सत्यापन से मोबाइल या नजदीकी केंद्र से ही यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। जिससे विशेष रूप से वृद्ध और अशक्त पेंशनधारकों को बड़ी राहत मिली है।

योजना की वर्तमान स्थिति एवं नवीनतम अपडेट 2026

✦  12 लाख+ राजस्थानी लाभार्थी: राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ के अनुसार NSAP के तहत राजस्थान के 12 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
✦  देशभर 3.09 करोड़ लाभार्थी: जनवरी 2026 तक NSAP के तहत देशभर में लगभग 3.09 करोड़ BPL लाभार्थी लाभान्वित।
✦  8,23,972 वृद्धजन लाभार्थी: अकेले IGNOAPS (वृद्धावस्था पेंशन) के तहत राजस्थान में इतने लाभार्थी दर्ज।
✦  SAMBAL ऐप सक्रिय: NSAP के लिए ऑनलाइन आवेदन हेतु मोबाइल ऐप उपलब्ध।
✦  डिजिटल जीवन प्रमाणीकरण: जुलाई 2025 से आधार आधारित डिजिटल Life Certificate प्रणाली लागू — वार्षिक सत्यापन आसान।
✦  पेंशन वृद्धि संभावना: वित्त वर्ष 2026-27 में केंद्रीय अंशदान में संभावित बढ़ोतरी पर विचार जारी।
✦  राज्य टॉप-अप बरकरार: राजस्थान में 1 जनवरी 2026 से लागू ₹1,450-₹1,500 की संयुक्त पेंशन राशि जारी।

अन्य संबंधित राजस्थान योजनाएं

✦  मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना – राजस्थान की अपनी विस्तारित विधवा पेंशन योजना
✦  सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना (RajSSP) – वृद्ध, विधवा, दिव्यांग, किसान वृद्धजन सभी को कवर
✦  मुख्यमंत्री विशेष योग्यजन सम्मान पेंशन योजना – दिव्यांगजनों के लिए राज्य पेंशन
✦  मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना – विधवा महिला परिवार को ₹25 लाख स्वास्थ्य बीमा
✦  लाडो प्रोत्साहन योजना – विधवा माताओं की बेटियों के लिए भी बालिका सहायता

महत्वपूर्ण लिंक

विवरण जानकारी
NSAP आधिकारिक पोर्टल nsap.nic.in
SAMBAL Mobile App Google Play Store पर उपलब्ध
RajSSP Portal (राजस्थान) ssp.rajasthan.gov.in
SSO Portal sso.rajasthan.gov.in
Jan Soochna Portal jansoochna.rajasthan.gov.in
हेल्पलाइन (Sampark) 181
विभाग ग्रामीण विकास मंत्रालय (केंद्र) + सामाजिक न्याय विभाग (राजस्थान)

FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q1. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना क्या है?

यह केंद्र सरकार की राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के तहत चलने वाली एक योजना है जो 40-59 वर्ष की BPL विधवा महिलाओं को ₹300 प्रति माह केंद्रीय पेंशन देती है। राजस्थान में इसे राज्य की एकल नारी सम्मान पेंशन योजना के साथ जोड़कर बड़ी राशि दी जाती है।

Q2. राजस्थान में इस योजना से कुल कितनी पेंशन मिलती है?

केंद्र के ₹300 और राज्य के टॉप-अप को मिलाकर पात्र विधवा महिला को कुल ₹1,450 (75 वर्ष तक) से ₹1,500 (75 वर्ष से अधिक) प्रति माह मिलते हैं।

Q3. क्या BPL न होने पर भी लाभ मिल सकता है?

केंद्रीय IGNWPS के लिए BPL अनिवार्य है, लेकिन राजस्थान की अपनी एकल नारी सम्मान पेंशन योजना में BPL अनिवार्य शर्त नहीं है — केवल वार्षिक पारिवारिक आय ₹48,000 से कम होनी चाहिए।

Q4. आयु सीमा क्या है?

केंद्रीय योजना (IGNWPS) में 40-59 वर्ष की महिलाएं पात्र हैं। लेकिन राजस्थान की राज्य योजना में 18 वर्ष या उससे अधिक की सभी पात्र विधवा महिलाएं शामिल हैं, कोई ऊपरी आयु सीमा नहीं।

Q5. 60 वर्ष से अधिक होने पर क्या होगा?

60 वर्ष की आयु पूरी होने पर लाभार्थी स्वतः इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना (IGNOAPS) में स्थानांतरित हो जाती है, जहां केंद्रीय अंशदान ₹200 (60-79 वर्ष) या ₹500 (80+ वर्ष) हो जाता है।

Q6. आवेदन कैसे करें?

SAMBAL मोबाइल ऐप से, या राजस्थान में sso.rajasthan.gov.in पर ‘Social Security Pension’ के अंतर्गत एकल नारी सम्मान पेंशन योजना के लिए आवेदन करें। यह स्वतः केंद्रीय पात्रता भी जांच लेगा।

Q7. जीवन प्रमाण पत्र कैसे जमा करें?

जुलाई 2025 से शुरू हुई आधार आधारित डिजिटल जीवन प्रमाणीकरण प्रणाली से मोबाइल या नजदीकी केंद्र से ही Life Certificate जमा किया जा सकता है। दफ्तर जाने की जरूरत नहीं।

Q8. NSAP में कितनी उप-योजनाएं हैं?

NSAP में कुल 5 उप-योजनाएं हैं। वृद्धावस्था पेंशन (IGNOAPS), विधवा पेंशन (IGNWPS), निःशक्त पेंशन (IGNDPS), राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना (NFBS) और अन्नपूर्णा योजना।

Q9. भुगतान कैसे मिलता है?

पेंशन राशि DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक या पोस्ट ऑफिस खाते में जमा होती है।

Q10. दस्तावेजों में कोई गलती हो तो क्या करें?

नजदीकी ई-मित्र केंद्र, ग्राम पंचायत या नगर निकाय कार्यालय से संपर्क करें। सहायता के लिए Sampark Helpline 181 पर भी कॉल किया जा सकता है।

निष्कर्ष

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय का एक बेहतरीन उदाहरण है। राजस्थान में यह योजना राज्य की अपनी एकल नारी सम्मान पेंशन योजना के साथ मिलकर विधवा महिलाओं को कहीं अधिक व्यापक और सम्मानजनक सुरक्षा देती है। जो देश के कई राज्यों की तुलना में बेहतर है।

यदि आप या आपके परिवार में कोई विधवा महिला है जो अभी तक इस योजना का लाभ नहीं ले रही, तो आज ही sso.rajasthan.gov.in पर आवेदन करें या नजदीकी ग्राम पंचायत/ई-मित्र केंद्र से संपर्क करें।

किसी भी जानकारी के लिए Sampark Helpline 181 पर संपर्क करें। RojgarPath.com पर राजस्थान सरकारी योजनाओं की नवीनतम जानकारी के लिए विजिट करते रहें।

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