परिचय – इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना क्या है?
महिलाएं जब अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं, तो सबसे बड़ी बाधा बनती है पूंजी की कमी और बैंक की जटिल शर्तें। राजस्थान सरकार ने इसी बाधा को दूर करने के लिए 10 फरवरी 2020 को एक विशेष योजना शुरू की थी। इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना (IMSUPY)।
इस योजना के तहत व्यक्तिगत महिला उद्यमियों और महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) को बैंकों के माध्यम से नया व्यवसाय शुरू करने या पुराने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए ऋण दिलाया जाता है, जिस पर राज्य सरकार सब्सिडी के रूप में अनुदान देती है। विधवा, परित्यक्ता, हिंसा-पीड़ित, दिव्यांग और SC/ST वर्ग की महिलाओं को इस योजना में विशेष प्राथमिकता और अधिक सब्सिडी मिलती है।
भजनलाल शर्मा सरकार ने इस योजना का विस्तार करते हुए इसे नया रूप दिया है। अब यह मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के नाम से जानी जाती है, जो महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों के लिए अब तक की सबसे बड़ी ऋण-अनुदान योजना मानी जा रही है। इसमें व्यक्तिगत महिला उद्यमी या स्वयं सहायता समूह को ₹50 लाख तक और समूहों के संघ (क्लस्टर या फेडरेशन) के रूप में विद्यमान समूहों को ₹1 करोड़ तक की ऋण सुविधा दी जाती है।
यह राजस्थान सरकारी योजनाएं में महिला सशक्तिकरण और आर्थिक स्वावलंबन की सबसे प्रभावशाली पहलों में से एक है। जो महिलाओं को नौकरी मांगने वाली नहीं, बल्कि नौकरी देने वाली बनाने की दिशा में काम करती है।
Key Highlights – एक नज़र में योजना (IMSUPY → नारी शक्ति)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मूल योजना का नाम | इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना (IMSUPY) |
| मूल शुरुआत | 10 फरवरी 2020 |
| वर्तमान/विस्तारित नाम | मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना |
| नोडल विभाग | महिला अधिकारिता विभाग, राजस्थान |
| लाभार्थी | व्यक्तिगत महिला उद्यमी + महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) |
| व्यक्तिगत/SHG को अधिकतम ऋण | ₹50 लाख |
| SHG क्लस्टर/फेडरेशन को अधिकतम ऋण | ₹1 करोड़ |
| सामान्य सब्सिडी | स्वीकृत ऋण का 25% (अधिकतम सीमा तक) |
| विशेष श्रेणी सब्सिडी | स्वीकृत ऋण का 30% (विधवा/परित्यक्ता/हिंसा पीड़ित/दिव्यांग/SC-ST) |
| आयु सीमा | 18 वर्ष या अधिक |
| आवेदन शुल्क | पूर्णतः निःशुल्क |
| आवेदन पोर्टल | ssoapps.rajasthan.gov.in/imsupy |
| हेल्पलाइन | 181 (Sampark) |
योजना का उद्देश्य
राजस्थान में लाखों महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं, लेकिन बैंक ऋण की जटिल प्रक्रिया, गारंटी की मांग और ऊंची ब्याज दरें उन्हें रोकती हैं। कई महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं लेकिन उनके पास व्यवसाय बढ़ाने के लिए पर्याप्त पूंजी नहीं होती।
इस योजना का उद्देश्य है महिलाओं और महिला स्वयं सहायता समूहों को आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराना, नए उद्यम स्थापित करने के साथ-साथ पुराने व्यवसाय को बढ़ाने में मदद करना, विशेष रूप से वंचित महिलाओं (विधवा, परित्यक्ता, दिव्यांग) को प्राथमिकता देना और राज्य में महिला उद्यमिता की संस्कृति को मजबूत करना।
ऋण एवं सब्सिडी संरचना – विस्तृत विवरण
| आवेदक प्रकार | अधिकतम ऋण | सामान्य सब्सिडी | विशेष श्रेणी सब्सिडी |
|---|---|---|---|
| व्यक्तिगत महिला उद्यमी | ₹50 लाख | 25% | 30% (विशेष श्रेणी) |
| महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) | ₹50 लाख | 25% | 30% (विशेष श्रेणी) |
| SHG क्लस्टर/फेडरेशन (समूहों का समूह) | ₹1 करोड़ | 25% | 30% (विशेष श्रेणी) |
विशेष श्रेणी (30% सब्सिडी) में कौन शामिल है: विधवा महिला, परित्यक्ता महिला, घरेलू हिंसा से पीड़ित महिला, दिव्यांग (विशेष योग्यजन) महिला और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिलाएं। इन सभी को सामान्य 25% के बजाय 30% तक सब्सिडी मिलती है।
योजना के लाभ एवं विशेषताएं
✦ व्यक्तिगत महिला और SHG दोनों के लिए ₹50 लाख तक और फेडरेशन/क्लस्टर के लिए ₹1 करोड़ तक ऋण।
✦ स्वीकृत ऋण पर 25% से 30% तक सब्सिडी सीधी आर्थिक राहत।
✦ विधवा, परित्यक्ता, हिंसा-पीड़ित, दिव्यांग और SC/ST महिलाओं को विशेष प्राथमिकता।
✦ व्यक्तिगत और संस्थागत दोनों माध्यमों से आवेदन की सुविधा।
✦ नया व्यवसाय शुरू करने के साथ-साथ मौजूदा व्यवसाय के विस्तार के लिए भी ऋण।
✦ आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क कोई आवेदन शुल्क नहीं।
✦ बैंकों के माध्यम से ऋण वितरण पारदर्शी और सीधा।
✦ महिला अधिकारिता विभाग के पोर्टल पर सफलता की कहानियां साझा करने का अवसर नेटवर्किंग और अतिरिक्त सहायता की संभावना।
पात्रता (Eligibility Criteria)
व्यक्तिगत महिला आवेदक के लिए:
| शर्त | विवरण |
|---|---|
| आयु | 18 वर्ष या उससे अधिक |
| निवास | राजस्थान की स्थायी निवासी |
| उद्यम स्थान | राजस्थान राज्य में उद्यम स्थापित करना अनिवार्य |
| पूर्व लाभ | पहले किसी अन्य समान योजना से पूंजीगत/ब्याज अनुदान न लिया हो |
| बैंक स्थिति | किसी बैंक/वित्तीय संस्था की डिफॉल्टर न हो |
स्वयं सहायता समूह (SHG) आवेदक के लिए:
| शर्त | विवरण |
|---|---|
| समूह प्रकार | पंजीकृत महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) |
| सदस्यता | सभी सदस्य महिलाएं होनी चाहिए |
| पंजीकरण | राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (RGAVP) या समकक्ष संस्था से पंजीकृत |
| क्लस्टर/फेडरेशन | समूहों का संघ होने पर उच्च ऋण सीमा (₹1 करोड़) के लिए पात्र |
आवश्यक दस्तावेज
✦ आधार कार्ड (आवेदक महिला का)
✦ जन आधार कार्ड
✦ मूल निवास प्रमाण पत्र
✦ आयु प्रमाण पत्र
✦ विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (व्यवसाय योजना, निवेश, बाजार विश्लेषण सहित)
✦ SHG पंजीकरण प्रमाण पत्र (समूह आवेदकों के लिए)
✦ जाति प्रमाण पत्र (SC/ST विशेष श्रेणी हेतु)
✦ विधवा/तलाक प्रमाण पत्र या हिंसा-पीड़ित प्रमाण (विशेष श्रेणी हेतु)
✦ विकलांगता प्रमाण पत्र (दिव्यांग महिला हेतु)
✦ बैंक खाता विवरण
✦ पासपोर्ट साइज़ फोटो
आवेदन प्रक्रिया – Step by Step
Step 1: ssoapps.rajasthan.gov.in पर जाएं या sso.rajasthan.gov.in से Login करें।
Step 2: ‘इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना’ / ‘मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना’ चुनें।
Step 3: व्यक्तिगत या SHG श्रेणी का चयन करें।
Step 4: व्यक्तिगत/समूह विवरण, प्रस्तावित उद्यम और प्रोजेक्ट रिपोर्ट भरें।
Step 5: सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
Step 6: आवेदन Submit करें Application Number नोट करें।
Step 7: महिला अधिकारिता विभाग/जिला कार्यालय द्वारा सत्यापन के बाद बैंक को अग्रेषण।
Step 8: बैंक ऋण स्वीकृति और वितरण सब्सिडी सरकार द्वारा अलग से जारी।
सफलता के बाद क्या करें?
महिला अधिकारिता विभाग स्पष्ट सुझाव देता है। यदि आपका उद्यम सफल हो जाए, तो अपनी सफलता को महिला अधिकारिता के पोर्टल और सोशल मीडिया पर साझा करें। इससे बैंक और अन्य उद्यम इसे एक उपलब्धि के रूप में देखेंगे और आपको अन्य सहायता से भी जोड़ेंगे। जिससे आपका बाजार बढ़ेगा और आप दूसरी महिलाओं के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन सकती हैं।
IMSUPY से नारी शक्ति योजना तक क्या बदला?
| विवरण | IMSUPY (2020) | नारी शक्ति उद्यम योजना (वर्तमान) |
|---|---|---|
| व्यक्तिगत/SHG ऋण सीमा | सीमित राशि | ₹50 लाख तक |
| फेडरेशन/क्लस्टर ऋण सीमा | लागू नहीं | ₹1 करोड़ तक |
| सब्सिडी दर | 20-25% | 25-30% |
| पहचान | इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना | मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना |
| दायरा विस्तार | सीमित | अब तक की सबसे बड़ी महिला ऋण-अनुदान योजना |
योजना की वर्तमान स्थिति एवं नवीनतम अपडेट 2026
✦ सबसे बड़ी ऋण-अनुदान योजना: महिला अधिकारिता विभाग इसे महिलाओं एवं SHG के लिए अब तक की सबसे बड़ी ऋण अनुदान योजना बता रहा है।
✦ ₹1 करोड़ तक फेडरेशन ऋण: समूहों के संघ (क्लस्टर/फेडरेशन) को ₹1 करोड़ तक ऋण सुविधा।
✦ ₹50 लाख व्यक्तिगत/SHG ऋण: व्यक्तिगत महिला उद्यमी या एकल SHG को ₹50 लाख तक।
✦ 30% विशेष सब्सिडी: विधवा/परित्यक्ता/हिंसा-पीड़ित/दिव्यांग/SC-ST महिलाओं को 30% तक सब्सिडी।
✦ निःशुल्क आवेदन: पूरी आवेदन प्रक्रिया बिना किसी शुल्क के।
✦ नेतृत्व: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के नेतृत्व में योजना का विस्तार।
अन्य संबंधित राजस्थान योजनाएं
✦ मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना – सभी युवाओं को ₹10 लाख तक ब्याज मुक्त ऋण
✦ विश्वकर्मा युवा उद्यमी प्रोत्साहन योजना (VYUPY) – ₹2 करोड़ तक 8-9% ब्याज अनुदान
✦ मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना (MLUPY) – MSME को ₹10 करोड़ तक ऋण
✦ मुख्यमंत्री कन्यादान योजना – बेटी विवाह पर ₹21,000-₹51,000 सहायता
✦ जन आधार कार्ड – सभी योजनाओं का प्रवेश द्वार
महत्वपूर्ण लिंक
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| आवेदन पोर्टल | ssoapps.rajasthan.gov.in |
| महिला अधिकारिता विभाग | wcd.rajasthan.gov.in |
| SSO Portal | sso.rajasthan.gov.in |
| Jan Soochna Portal | jansoochna.rajasthan.gov.in |
| हेल्पलाइन (Sampark) | 181 |
| विभाग | महिला अधिकारिता विभाग, राजस्थान |
FAQs – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1. इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना क्या है?
यह राजस्थान सरकार की एक योजना है जो 10 फरवरी 2020 को शुरू हुई थी। इसके तहत महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को बैंकों के माध्यम से व्यवसाय ऋण दिलाया जाता है, जिस पर सरकार सब्सिडी देती है। अब इसे मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के नाम से विस्तारित किया गया है।
Q2. इस योजना में कितना ऋण मिलता है?
व्यक्तिगत महिला उद्यमी या एकल SHG को अधिकतम ₹50 लाख तक और समूहों के संघ (क्लस्टर/फेडरेशन) को ₹1 करोड़ तक की ऋण सुविधा मिलती है।
Q3. सब्सिडी कितनी मिलती है?
सामान्यतः स्वीकृत ऋण का 25% सब्सिडी मिलती है। विधवा, परित्यक्ता, हिंसा-पीड़ित, दिव्यांग और SC/ST वर्ग की महिलाओं को विशेष श्रेणी में 30% तक सब्सिडी मिलती है।
Q4. कौन आवेदन कर सकता है?
18 वर्ष या उससे अधिक आयु की राजस्थान की स्थायी निवासी महिलाएं व्यक्तिगत रूप से, या पंजीकृत महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) आवेदन कर सकते हैं।
Q5. आवेदन कहाँ करें?
ssoapps.rajasthan.gov.in/imsupy पर या sso.rajasthan.gov.in से SSO ID के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करें। आवेदन पूरी तरह निःशुल्क है।
Q6. विशेष श्रेणी की महिलाओं को क्या अतिरिक्त लाभ मिलता है?
विधवा, परित्यक्ता, घरेलू हिंसा से पीड़ित, दिव्यांग और SC/ST वर्ग की महिलाओं को सामान्य 25% के बजाय 30% तक सब्सिडी मिलती है। यह अतिरिक्त 5% इन वंचित वर्गों के लिए विशेष प्रावधान है।
Q7. क्या यह योजना केवल नए व्यवसाय के लिए है?
नहीं। इस योजना से नया व्यवसाय शुरू करने के साथ-साथ पहले से चल रहे व्यवसाय को बढ़ाने (विस्तार) के लिए भी ऋण लिया जा सकता है।
Q8. फेडरेशन/क्लस्टर किसे कहते हैं?
जब कई स्वयं सहायता समूह (SHG) मिलकर एक बड़ा संगठित समूह बनाते हैं, उसे क्लस्टर या फेडरेशन कहा जाता है। ऐसे बड़े समूहों को व्यक्तिगत SHG की तुलना में अधिक ऋण सीमा (₹1 करोड़ तक) मिलती है।
Q9. क्या आवेदन के लिए कोई फीस देनी होती है?
नहीं। इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना/मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना में आवेदन करना पूर्णतः निःशुल्क है।
Q10. उद्यम सफल होने के बाद क्या करना चाहिए?
महिला अधिकारिता विभाग सुझाव देता है कि अपनी सफलता को विभाग के पोर्टल और सोशल मीडिया पर साझा करें। इससे बैंक और अन्य संस्थाएं आपको उपलब्धि के रूप में देखेंगी और अतिरिक्त सहायता व नेटवर्किंग के अवसर मिल सकते हैं।
निष्कर्ष
इंदिरा महिला शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना, अब मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के विस्तारित स्वरूप में, राजस्थान की महिलाओं के लिए आर्थिक स्वावलंबन का सबसे बड़ा द्वार बन चुकी है। ₹50 लाख से ₹1 करोड़ तक का ऋण और 25-30% तक की सब्सिडी यह योजना महिलाओं को उद्यमी बनने के सपने को साकार करने में पूरा साथ देती है।
यदि आप राजस्थान की महिला हैं और अपना व्यवसाय शुरू करना या बढ़ाना चाहती हैं। चाहे व्यक्तिगत रूप से हों या स्वयं सहायता समूह के माध्यम से तो आज ही ssoapps.rajasthan.gov.in पर निःशुल्क आवेदन करें।
किसी भी सहायता के लिए Sampark Helpline 181 पर संपर्क करें। RojgarPath.com पर राजस्थान सरकारी योजनाओं की नवीनतम जानकारी के लिए विजिट करते रहें।
